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    Home – Gratitude Journal in Hindi – ग्रेटिट्यूट जर्नल से बदलें जिंदगी
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    Gratitude Journal in Hindi – ग्रेटिट्यूट जर्नल से बदलें जिंदगी

    Tomy JacksonBy Tomy Jackson9 February 2024Updated:9 February 2024No Comments10 Mins Read
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    Gratitude Journal in Hindi
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    अगर आप जरा सोचकर देखें तो आपके जीवन में कितनी सारी सकारात्मक चीजें मौजूद हैं । हमारे जीवन की सबसे बड़ी समस्या यही है कि हम सिर्फ और सिर्फ नकारात्मक ऊर्जा के प्रति अट्रैक्ट होते हैं जबकि जीवन में कितना कुछ अच्छा है, जिसके प्रति हम उदासीन होते हैं । ऐसे में Gratitude Journal आपके बड़े काम की चीज है, जिसकी मदद से वाकई आपके जीवन में परिवर्तन आ सकता है ।

    ग्रेटिट्यूड जर्नल एक व्यक्तिगत डायरी या नोटबुक है जिसमें आप उन चीजों को रिकॉर्ड करते हैं जिनके लिए आप आभारी हैं या अपने जीवन में सराहना करते हैं । शोध से पता चला है कि नियमित रूप से दूसरों के प्रति कृतज्ञता का भाव प्रकट करने से कई लाभ हो सकते हैं । जैसे कम तनाव, बेहतर रिश्ते, बेहतर नींद और खुशी और संतुष्टि की भावना आदि इसके फायदे हैं ।

    इस आर्टिकल में हम विस्तार से आपको Gratitude Journal विषय पर जानकारी देंगे और बताएंगे कि आप कैसे इसकी मदद से अपनी जिंदगी बदल सकते हैं । ग्रेटिट्यूड जर्नल क्या है, इसके फायदे क्या हैं, इसे कैसे लिखें और मेंटेन करें, इसके पीछे का विज्ञान क्या है आदि कई विषयों पर आपको जानकारी दी जायेगी ।

    Gratitude Journal क्या है ?

    Gratitude Journal को हिंदी में आभार पत्रिका कहते हैं जो एक व्यक्तिगत डायरी या नोटबुक की तरह होता है । इसमें उन चीजों या अनुभवों को रिकॉर्ड किया जाता है जिनके प्रति आप आभारी हैं और उसकी सराहना करते हैं । उदाहरण के तौर पर एक अच्छा दोस्त, साथ देने वाला परिवार, अच्छा स्वास्थ्य, पर्यावरण आदि के प्रति कृतज्ञता इसमें व्यक्त किया जा सकता है ।

    एक ग्रेटिट्यूड जर्नल लिखने से आपके अंदर कृतज्ञता का भाव विकसित होगा, आप नकारात्मक विचारों के बजाय सकारात्मकता के प्रति ज्यादा आकर्षित होंगे । अगर आप अपने जीवन के प्रति काफी हताश और निराश हैं तो आपको कुछ वक्त निकालकर उन चीजों के बारे में सोचना चाहिए जिनके प्रति आप आभारी हैं । इसके बाद उन बातों के बारे में लिखना शुरू कीजिए ।

    आप जल्द ही पाएंगे कि आपके विचार सकारात्मक हो गए हैं और आप अपने जीवन से प्यार करने लगे हैं । आपको शायद ऐसा लग रहा हो कि ये सिर्फ कहने की बातें हैं, लेकिन अगर आप एक बार Gratitude Journal लिखना प्रारंभ कर देंगे तो आपको खुद ब खुद फर्क दिखाई देने लगेगा ।

    Gratitude Journal के फायदे

    Gratitude Journal से मानसिक, शारीरिक स्तर पर कई फायदे होते हैं, साथ ही आपका भावनात्मक विकास भी होता है । खासकर कि इससे आपको मानसिक रूप से कई फायदे मिलते हैं और आपके सोचने समझने की क्षमता भी बेहतर बनती है । आप जिन चीजों के प्रति कृतज्ञ हैं, उनसे भावनात्मक रूप से जुड़ने लगते हैं जोकि वर्तमान समय में बहुत जरूरी है ।

    ग्रेटिट्यूड जर्नल का सबसे बड़ा फायदा होता है तनाव दूर करने में । नियमित रूप से आभार व्यक्त करने से तनाव और चिंता को कम करने में मदद मिल सकती है, क्योंकि यह एक सकारात्मक मानसिकता को बढ़ावा देता है और नकारात्मक विचारों और भावनाओं से आपका ध्यान हटाता है । इसके साथ ही, जब आपका Stress Level कम होता है तो आपको नींद भी अच्छी आती है ।

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    Journal of Psychotherapy Research में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, आभार जर्नलिंग का अभ्यास करने वाले लोगों ने अवसाद और चिंता के लक्षणों में महत्वपूर्ण सुधार का अनुभव किया है । इसके अलावा कई शोधों में यह भी दावा किया गया है कि आभार व्यक्त करना शारीरिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है, जिससे पुराने दर्द ठीक होने लगते हैं और आपके हृदय का स्वास्थ्य बेहतर बनता है ।

    Gratitude Journal रोजाना लिखने की वजह से आपके रिश्तों में सुधार आता है और आप जिन लोगों के प्रति वाकई कृतज्ञ हैं, उनके साथ आपका व्यवहार बेहतर होता है और आप उनसे गहराई से जुड़ जाते हैं । इसका अगला फायदे आपके सोचने समझने के पैटर्न को लेकर के होता है । जैसे जैसे आप ग्रेटिट्यूड जर्नल लिखते है, आपके सोचने समझने का तरीका सकारात्मक हो जाता है ।

    Gratitude Journal कैसे लिखें ?

    अगर आप अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव चाहते हैं तो अभी ग्रेटिट्यूड जर्नल लिखना शुरू करें । इसके लिए आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा:

    1. एक समय निर्धारित करें

    Diary Writing की ही तरह Gratitude Journal लिखने के लिए भी सबसे पहले आपको एक निश्चित समय निर्धारित करना चाहिए । हम आपको सलाह देंगे कि आपको रात के वक्त आभार पत्रिका लिखनी चाहिए जब आप पूरी तरह से रिलैक्स और खाली होते हैं ।

    अगर आप आभार पत्रिका लिखने को एक आदत बनाना चाहते हैं तो यह बेहद जरूरी है कि इसका एक निश्चित समय निर्धारित करें । आप रोजाना कम से कम 10 मिनट के लिए इसे लिख सकते हैं और जब भी आपको लगे कि आपके जीवन में कई परेशानियां हैं तो आपको इसे उठाकर पढ़ लेना चाहिए ।

    इसका यह अर्थ बिल्कुल नहीं है कि अपनी परेशानियों से मुंह मोड़ना है बल्कि नकारात्मक भविष्यवाणी करने से बचना है । आपके पास क्या नहीं है, यह सोचकर आप सिर्फ अपनी ऊर्जा और समय ही तो बर्बाद करते हैं । यह समय आपके पास जो है, उसके प्रति आभार व्यक्त करने और जो नहीं है उसे हासिल करने में भी तो लगाया जा सकता है ।

    2. तय करें कि आपका फॉर्मेट क्या होगा

    जरूरी नहीं है कि आप सिर्फ और सिर्फ Physical Journal पर ही लिखें, बल्कि आप इसके लिए अच्छे ऐप्स भी डाउनलोड कर सकते हैं । हालांकि हम आपको सलाह देंगे कि अगर आप एक छोटी से डायरी खरीद लें तो यह ज्यादा बेहतर होगा । लेकिन अगर आप किन्हीं कारणों से जर्नल नहीं खरीदना चाहते या अपने स्मार्टफोन का इस्तेमाल ग्रेटिट्यूड जर्नल लिखने के लिए करना चाहते हैं तो ये रहे कुछ ऐप्स:

    • Gratitude: Self Care Journal
    • Presently
    • Delightful

    ये तीनों सबसे बेहतरीन Gratitude Journal Apps हैं जिनकी रेटिंग 4.5/5 से ऊपर की है । साथ ही उन्हें हजारों लाखों लोगों ने डाउनलोड किया है और इनकी मदद से अपने जीवन में सकारात्मकता के भाव भर रहे हैं ।

    3. कृतज्ञता व्यक्त करें

    अब आपके पास आभार पत्रिका लिखने के लिए एक निश्चित समय भी है और एक बढ़िया फॉर्मेट भी । इसके बाद आपको सबसे पहले उन लोगों के बारे में सोचना है जिनके प्रति आप कृतज्ञ हैं । एक अच्छा लाइफ पार्टनर, रहने को घर, वफादार दोस्त, साफ हवा, साथ देने वाला परिवार आदि कई ऐसी चीजें और लोग हैं जिनके प्रति आपको कृतज्ञ होना चाहिए ।

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    कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए सबसे पहले उस व्यक्ति, वस्तु का नाम लिखें । इसके पश्चात आप उनके प्रति क्यों कृतज्ञ हैं और वे कैसे आपके जीवन के लिए महत्वपूर्ण हैं, यह लिखना शुरू करें । आपको रोज कम से कम तीन व्यक्तियों या चीजों के बारे में लिखना चाहिए जिनके प्रति आप कृतज्ञ हैं ।

    4. थोड़ी बहुत सजावट करें

    अगर आप बाजार से जर्नल खरीदकर उसे Gratitude Journal बनाना चाहते हैं तो उसकी थोड़ी बहुत सजावट जरूर करें । यह जर्नल कोई खास जर्नल नहीं बल्कि आपके सोचने समझने के तरीके को बदलने का एक बेहतरीन माध्यम है, जोकि रोचक और आकर्षक होना चाहिए । इसलिए आप इसे कई तरीकों से रोचक और आकर्षक बना सकते हैं ।

    उदाहरण के तौर पर अलग अलग व्यक्तियों/वस्तुओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए अलग अलग रंगों का स्केच पेन इस्तेमाल करें । जर्नल के पहले पृष्ठ पर कुछ Positive Draw करें, थोड़ी बहुत चित्रकारी करें ।

    5. नकारात्मक शब्दों और वाक्यों का इस्तेमाल न करें

    ग्रेटिट्यूड जर्नल लिखने का मुख्य मकसद ही सिर्फ और सिर्फ Positive Thoughts को बढ़ावा देना है । इसलिए आपको नकारात्मक शब्दों और वाक्यों का प्रयोग करने से परहेज करना चाहिए । आपके जर्नल में सिर्फ और सिर्फ पॉजिटिव बातें लिखी होनी चाहिए ताकि आप जब भी इसे पढ़ें तो आपके अंदर positive energy का संचार हो और आप दूसरों के प्रति कृतज्ञता को महसूस कर सकें ।

    इसके साथ ही Gratitude Journal Maintain करने के लिए उसे साफ सुथरा रखें, रोजाना लिखने का अभ्यास करें और साथ ही रोजमर्रा के जीवन में होने वाले छोटे छोटे सकारात्मक घटनाओं को अवश्य रिकॉर्ड करें ।

    Gratitude Journal में क्या लिखें ?

    आभार पत्रिका में आप अपने व्यक्तिगत अनुभवों के हिसाब से कुछ भी पॉजिटिव लिख सकते हैं । आपके बड़े भाई ने जेब खर्च के लिए रुपए दिए, आपके शिक्षक ने आपको सराहा, आपको किसी ने गिफ्ट दिया, आपको कोई दिल से प्यार करता है, अनमोल दोस्त जो हर परिस्थिति में आपका साथ निभाते हैं आदि । ग्रेटिट्यूड जर्नल में काफी कुछ है लिखने को, बशर्ते आप ध्यान लगाकर सोच सकें तो ।

    सबसे पहले आपको लोगों से शुरुआत करना चाहिए, उन लोगों से जिनके प्रति आप कृतज्ञ हैं और उनका आभार व्यक्त करते हैं । उदाहरण के तौर पर आपका परिवार, दोस्त, पार्टनर, रिश्तेदार, फल/सब्जी/पुस्तक विक्रेता आदि कोई भी हो सकता है । जिन भी लोगों की वजह से आप कृतज्ञ महसूस करते हैं, उनके बारे में लिख सकते हैं ।

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    इसके पश्चात आप अपने व्यक्तिगत सकारात्मक अनुभवों के बारे में लिखें । कोई ऐसा व्यक्ति नहीं है जिसके जीवन में हमेशा सिर्फ और सिर्फ दुख ही रहे हों । कभी न कभी ऐसा पल जरूर आया होगा जब आपने खुलकर जिया होगा, हंसा होगा । ऐसे अनुभवों को आप Gratitude Journal का हिस्सा बना सकते हैं । अच्छा स्वास्थ्य, बुनियादी सुख सुविधाएं, शिक्षा, समाज, देश, पर्यावरण, प्रकृति, अच्छी किताबें आदि कितना कुछ है जिसके बारे में आपको जरूर लिखना चाहिए ।

    Gratitude Journal Example in Hindi

    नीचे आपको एक Gratitude Journal Example दिया गया है जिसकी मदद से आप भी आभार पत्रिका लिख सकते हैं । हालांकि सबके लिखने का तरीका अलग अलग होता है परंतु आप नीचे दिए उदाहरण से समझ सकते हैं कि ग्रेटिट्यूड जर्नल कैसे लिखें:

    प्रिय आभार पत्रिका,

    आज मैं उन दोस्तों के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करना चाहता हूं, जो सुख-दुःख में मेरे साथ खड़े रहे । ये वे लोग हैं जो मेरे हर अच्छे बुरे परिस्थिति में मेरे साथ रहे और मुश्किलों में मुझे कभी भी अकेला नहीं छोड़ा । उन्होंने मेरा समर्थन किया, मुझे प्रोत्साहित किया है और जब मुझे सहारे की सबसे ज्यादा जरूरत थी तो उन्होंने अपना कंधा दिया है ।

    सबसे पहले मैं अपने दोस्त अंश के प्रति आभार व्यक्त करता है जो हर परिस्थिति में लगातार मेरे साथ खड़ा रहा । मुझे जब भी अंश की जरूरत पड़ी, उसने हमेशा मेरा साथ दिया है बगैर कोई प्रश्न किए । मुझे याद है कि हाल ही में मुझे कुछ आर्थिक विषमताओं से गुजरना पड़ा था, जिसमें मेरी सबसे ज्यादा सहायता अंश ने ही की ।

    इसके पश्चात मैं काया के प्रति भी आभार व्यक्त करना चाहता हूं जो विषय परिस्थितियों में भी मेरा साथ कभी नहीं छोड़ा । मैं जब जब तनावग्रस्त होता हूं या बुरे ख्याल दिमाग में आते हैं तो काया ही मुझे समझती है और मुझे सही रास्ता दिखलाती है । ये दोस्त मेरी लाइफलाइन, मेरा सपोर्ट सिस्टम और मेरी प्रेरणा रहे हैं । तुम दोनों का ढेर सारा शुक्रिया! <3

    Conclusion

    अगर आप Gratitude Journal के फायदे महसूस करना चाहते हैं तो आपको लगातार कम से कम 1 महीने तक इसे लिखना चाहिए और उन लोगों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना चाहिए जिन्होंने आपका साथ दिया है, जो आपके सपोर्ट सिस्टम बने रहे हैं । ऐसा करने से धीरे धीरे आप पाएंगे कि आपके दिमाग से नकारात्मक विचारों का अंत हो रहा है और साथ ही आप ज्यादा बेहतर ढंग से सोच समझ पा रहे हैं ।

    इसके अलावा अनिद्रा और तनाव में भी ग्रेटिट्यूड जर्नल लिखना काफी फायदेमंद है । अगर आपके मन में इस विषय से संबंधित कोई भी प्रश्न है तो आप नीचे कमेंट करके पूछ सकते हैं । साथ ही अगर आपको आर्टिकल पसंद आया हो तो इसे शेयर जरूर करें ।

    Gratitude Journal in Hindi आभार पत्रिका ग्रेटिट्यूड जर्नल
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