How to make index in Hindi – हिंदी प्रोजेक्ट के लिए अनुक्रमणिका

किसी भी किताब, फाइल या ब्लॉग पोस्ट में अगर आपको एक specific page खोजना होता है तो आप क्या करते हैं ? जाहिर सी बात है कि आप Index की मदद लेते हैं । इंडेक्स को किसी भी डॉक्यूमेंट के शुरुआत में इसीलिए रखा जाता है ताकि पाठक आसानी से किसी भी पृष्ठ या भाग पर आसानी से जा सकें । लेकिन क्या आप जानते हैं कि How to make index in Hindi यानि इंडेक्स कैसे बनाएं ?

ज्यादातर किताबों और प्रोजेक्ट फाइलों में इंडेक्स बनाने की जरूरत पड़ती है । पूरी किताब या फाइल को तैयार करने के बाद, सबसे अंत में अनुक्रमणिका या विषय सूची तैयार की जाती है । इसे ध्यानपूर्वक बनाया जाता है ताकि यह त्रुटिमुक्त हो । आपके प्रश्न How to write vishay suchi in Hindi project की पूरी जानकारी नीचे दी गई है ।

Book/File index क्या होता है ?

किसी किताब या फाइल में दिया गया इंडेक्स उस पठन सामग्री की विषय सूची होता है जिसे हिंदी में अनुक्रमणिका भी कहते हैं । इसमें क्रमबद्ध तरीके से किताब या फाइल में लिखी गई सामग्रियों का विषय, पृष्ठ संख्या और हस्ताक्षर ( वैकल्पिक ) की सूची होती है । Anukramanika for Hindi project की अनिवार्य बिंदु:

  • अनुक्रमांक
  • पाठ
  • पृष्ठ संख्या
  • दिनांक ( वैकल्पिक )
  • हस्ताक्षर ( वैकल्पिक )

इसकी मदद से आप आसानी से किताब के किसी भाग/पन्ने पर आसानी से जा सकते हैं । इसे एक उदाहरण से समझें, मान लीजिए कि आपके पास Ikigai Book है और इस किताब के 7वें अध्याय पर जाना चाहते हैं जोकि है The Ikigai diet । तो ऐसे में आप क्या पन्ना दर पन्ना पलटते जायेंगे जब तक 7वें अध्याय तक पहुंच नहीं जाते । इस परिस्थिति में आप मदद लेंगे Index का, जिसमें 7वें अध्याय का शीर्षक और पृष्ठसंख्या दिया गया होगा ।

How to make index in Hindi

अगर आप अपने किताब/फाइल/प्रोजेक्ट इत्यादि के लिए Index design करना चाहते हैं तो आपको नीचे दिए गए 5 steps फॉलो करने होंगे ।

1. Index सबसे आखिर में बनाएं

अगर आपको पता ही नहीं होगा कि किताब के किस पन्ने पर कौनसी पठन सामग्री है तो आप इंडेक्स में लिखेंगे क्या ? इसलिए इंडेक्स यानि अनुक्रमणिका को अंत में तैयार किया जाता है । सबसे पहले आपको पूरी किताब/फाइल/प्रोजेक्ट को लिखकर तैयार करनी है इसके बाद ही आप सबसे अंत में index बना सकते हैं ।

मैं recommend करूंगा कि किताब की proofreading और editing करवाने के बाद ही इंडेक्स बनाएं । ऐसा इसलिए क्योंकि अगर इंडेक्स बनाने के बाद किताब की खामियां दूर की गई या एडिटिंग की गई तो फिर से आपको एक नया इंडेक्स तैयार करना होगा । मुझे पूरी आशा है कि आप यह सिर दर्द नहीं लेना चाहेंगे इसलिए इंडेक्स सबसे आखिर में ।

2. पूरी किताब पढ़ें

यह सबसे जरूरी है कि आपके पास पूरी किताब का ज्ञान हो तभी जाकर आप इंडेक्स को सही ढंग से तैयार कर पाएंगे । जब आप पूरी किताब पढ़ेंगे तो आपको अच्छे से आइडिया हो जायेगा कि आपको index में क्या क्या लिखना है ।

इसके अलावा, अगर आप चाहें तो एक बार किताब में दिए गए सभी शीर्षकों पर नजर भी डाल सकते हैं । कई बार किताब का शीर्षक काफी बड़ा या काफी छोटा हो सकता है और आप इंडेक्स बनाते समय उसमें थोड़ा बहुत बदलाव भी कर सकते हैं ।

3. इसे छोटा रखने की कोशिश करें

काफी बड़े और unorganised indexes में कोई रुचि नहीं दिखाता है । इसलिए अपने इंडेक्स को छोटा रखने की कोशिश करें और सिर्फ जरूरी जानकारियों को ही अनुक्रमणिका में जोड़ें । इसके साथ ही ध्यान दें कि आपका इंडेक्स कितने पृष्ठों का है । आपके किताब/डॉक्यूमेंट में कुल पन्नों की संख्या के आधार पर ही इंडेक्स को छोटा/बड़ा करें ।

अगर आपको किताब 600 पन्नों की है तो हो सकता है कि आपका index 2 pages को कवर कर ले । इसके उलट अगर आपकी किताब/फाइल सिर्फ 50 पन्नों की है और आपका इंडेक्स 2 पन्नों का है तो यह काफी unprofessional हो जायेगा । इसे छोटा करने की आपको जरूरत पड़ेगी ।

4. अपने पाठकों को ध्यान में रखकर index बनाएं

आप किताब या प्रोजेक्ट फाइल बना किसके लिए रहे हैं ? जाहिर सी बात है कि इसे आपके शिक्षक या पाठक पढ़ेंगे । परंतु क्यों ? आप भी अच्छे से जानते हैं कि कोई भी किताब पढ़ने से पहले हम सभी किताब का Index चेक करते हैं । इससे हमें पता चल जाता है कि किताब में हमें क्या पढ़ने को मिलेगा । इसलिए इंडेक्स में लिखे गए शीर्षकों ( titles ) में उन शब्दों का इस्तेमाल करें जो किताब के मुख्य शीर्षक से जुड़ा हो ।

चलिए एक उदाहरण से समझते हैं: मान लीजिए कि आपकी किताब How to boost confidence पर लिखी गई है । ऐसे में आपकी किताब के शीर्षक भी कीवर्ड confidence से कहीं न कहीं जुड़ते ही तभी जाकर पाठकों को किताब useful लगेगी । अगर आप किताब के इंडेक्स में ऐसे कीवर्ड का इस्तेमाल करते हैं जो आपके किताब के मुख्य विषय से दूर दूर तक संबंध नहीं रखते तो आपको नुकसान ही होगा ।

5. अनुक्रमणिका को व्यवस्थित रखें

अगला सबसे महत्वपूर्ण कदम होगा कि आप अपने index को organise रखें । Organise करने से मेरा अर्थ उसे एक व्यवस्थित क्रम में लिखने से है । इसके साथ ही कोशिश करें कि आप किताब के शीर्षक और उसकी पृष्ठ संख्या को एकदम सही सही लिखें ताकि पाठक को किताब के किसी भाग पर जाने में दिक्कतों का सामना न करना पड़े ।

आप Editors और proofreaders की मदद भी इस कार्य के लिए ले सकते हैं । चाहे आप hard copy का index तैयार कर रहे हों हा soft copy का, आपको सभी चीजें organised way में ही रखनी होंगी ।

Format of index in Hindi

किसी भी अनुक्रमणिका के प्रारूप में मुख्य रूप से 5 चीजें होती हैं: अनुक्रमांक, पाठ, पृष्ठ संख्या, दिनांक और हस्ताक्षर । हालांकि, दिनांक और हस्ताक्षर पूरी तरह से वैकल्पिक होते हैं । अगर हम किसी किताब में अनुक्रमणिका जोड़ना चाहते हैं तो उसके लिए दिनांक और हस्ताक्षर की कोई आवश्यकता नहीं है ।

नीचे मैंने दो तस्वीरें दी हैं जिन्हें आप देखकर समझ सकते हैं कि index format कैसा होता है ।

Conclusion

मुझे पूरी उम्मीद है कि आपको How to make index in Hindi यानि इंडेक्स कैसे बनाते हैं का आर्टिकल पसंद आया होगा । अगर आपको आर्टिकल हेल्पफुल लगा हो तो इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ।

इसके साथ ही अगर आप इंडेक्स इन हिंदी विषय पर प्रश्न पूछना चाहते हैं तो नीचे कमेंट करके पूछ सकते हैं । आप अपनी राय/सुझाव भी कॉमेंट कर सकते हैं ।

Ank Maurya - Owner of Listrovert.com

I have always had a passion for writing and hence I ventured into blogging. In addition to writing, I enjoy reading and watching movies. I am inactive on social media so if you like the content then share it as much as possible .

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