News Reporting in Hindi – क्या है न्यूज रिपोर्टिंग और इसके प्रकार

News Reporting आज के समय में सबसे रोचक, साहसी और बढ़िया पैसा कमाने वाला फील्ड बन गया है । न्यूज रिपोर्टिंग के क्षेत्र में युवा न सिर्फ नई संभावनाएं तलाश रहे हैं, खुद को परख रहे हैं बल्कि साथ ही अच्छा खासा पैसा भी कमा रहे हैं । इस लेख में हम समाचार रिपोर्टिंग की जानकारी हिंदी में आपको विस्तार से देंगे और इससे जुड़े कई पहलुओं पर बात भी करेंगे ।

इस लेख में हम जिन पहलुओं पर आज बात करने वाले हैं, वे कुछ इस प्रकार हैं:

  • News Reporting क्या है
  • समाचार रिपोर्टिंग की परिभाषा
  • रिपोर्टिंग की प्रक्रिया
  • रिपोर्टिंग कितने प्रकार की होती है
  • रिपोर्टर बनने के लिए क्या करें
  • रिपोर्टर को कितनी सैलरी मिलती है
  • जी न्यूज सहित विभिन्न बड़े समाचार चैनलों में रिपोर्टर कैसे बनें

इन सभी प्रश्नों का आपको विस्तारपूर्वक उत्तर दिया जायेगा । आगे बढ़ने से पहले यह समझ लें कि न्यूज रिपोर्टिंग का क्षेत्र जितना ही लुभावना है, उतना ही चुनौतीपूर्ण भी है । इस क्षेत्र में नाम और पैसा कमाना आसान नहीं है लेकिन नामुमकिन भी नहीं है । बस आपको सही रणनीति के साथ इस क्षेत्र में आगे बढ़ना होगा ।

News Reporting क्या है ?

News Reporting जिसे समाचार रिपोर्टिंग भी कहा जाता है, दुनियाभर में घट रही विभिन्न घटनाओं को विभिन्न संचार माध्यमों से लोगों तक पहुंचाने की कला है । इस क्षेत्र में एक न्यूज रिपोर्टर यानि पत्रकार देश दुनिया में घट रही विभिन्न घटनाओं को एकत्रित करके उन्हें एक सही प्रारूप में तैयार करते हैं और फिर आम जनता तक पहुंचाते हैं ।

इसे एक आसान से उदाहरण के माध्यम से समझिए । मान लेते हैं कि किसी क्षेत्र में आग लग जाती है और आगे में झुलस कर कई लोगों की मृत्यु हो जाती है । एक रिपोर्टर के पास कई स्रोत होते हैं जो घटित बड़ी घटनाओं की खबर रिपोर्टर तक पहुंचाते हैं । इसके पश्चात एक रिपोर्टर उस घटना से जुड़े सभी तथ्य, बयान, जानकारियां, पुलिस रिपोर्ट आदि इकट्ठी करता है ।

अंत में वह प्राप्त सभी जानकारियों को एक साथ मिलाकर न्यूज रिपोर्ट तैयार करता है, जिसका एक खास प्रारूप होता है । इसके बाद वह अपने हिसाब से मौजूदा विभिन्न संचार माध्यमों से खबरों को जनता तक पहुंचाने का काम करता है ।

न्यूज रिपोर्टिंग की परिभाषा

News Reporting की कई परिभाषाएं हैं और उन सभी परिभाषाओं का सिर्फ एक ही सार है, और वह है विभिन्न स्रोतों से खबरों को इकट्ठा करना और उन्हें एक निश्चित प्रारूप में तैयार करके आम जनता तक बिना पक्षपात के पहुंचाना । चलिए एक नजर डालते हैं न्यूज रिपोर्टिंग की परिभाषा पर:

1. समाचार रिपोर्टिंग का अर्थ है वर्तमान समाचार घटनाओं की रिपोर्ट करने के लिए टेलीविजन से संबंधित सामग्री का उपयोग, जिसके उपयोग के लिए लाइसेंस प्राप्त है या जिसके लिए किसी तीसरे पक्ष के लाइसेंस की आवश्यकता नहीं है ।

2. समाचार रिपोर्टिंग का अर्थ है किसी मीडिया संगठन द्वारा समाचार सामग्री का प्रस्तुतिकरण ।

3. रिपोर्टिंग समाचार पत्रों, रेडियो और टेलीविजन पर समाचारों की प्रस्तुति है ।

4. यह समाचार और सूचना को इकट्ठा करने, मूल्यांकन करने, बनाने और प्रस्तुत करने की गतिविधि है ।

Process of News Reporting in Hindi

अगर हम Process of News Reporting यानि न्यूज रिपोर्टिंग की प्रक्रिया पर नजर डालें तो इसके मुख्य रूप से 4 चरण होते हैं । इन चार चरणों से होकर ही समाचार का प्रस्तुतिकरण किया जाता है । चलिए एक एक करके चारों चरणों के बारे में समझते हैं ।

1. सामग्री जुटाना

News Reporting का पहला पड़ाव होता है सामग्री जुटाना । समाचार की प्रस्तुतिकरण तभी हो सकती हुआ जब सबसे पहले समाचार मौजूद होगा । इसके लिए ढेरों रिपोर्टर्स को उनकी Expertise Field में तैनात किया जाता है जहां से वे तरह तरह की खबरें जुटाने का कार्य करते हैं । इन्हें Beat Reporter या Field Reporter भी कहा जाता है ।

ये खबर जुटाकर सीधे News Editor को संचार माध्यम से खबरें भेजने का काम करते हैं । इसके बाद एक Chief Sub Editor या Editor in chief इन खबरों की कटाई छंटाई करता है । रिपोर्टर से मिली खबरों को सीधे प्रस्तुतिकरण के लिए नहीं भेजा जा सकता है इसलिए न्यूज एडिटर इन्हें अपने हिसाब से तैयार करते हैं । सामग्री जुटाने का अगला जरिया सरकारी डिपार्टमेंट और बड़ी न्यूज एजेंसी जैसे Reuters होती हैं ।

2. खबरों के ढेर में से चुनना

देश दुनिया में रोज हजारों घटनाएं घट रही हैं और जाहिर सी बात है कि सारी घटनाएं समाचार पत्रों, टीवी चैनलों में जगह नहीं बना पाती हैं । लेकिन खबरें रिपोर्टर के जरिए इकट्ठी जरुर होती हैं । यहां पर काम आता है News Editors का, जो खबरों के ढेर में से वे खबरे चुनते हैं जिनका प्रभाव जनता पर ज्यादा होगा । साथ ही वे खबरें चुनी जाती हैं जो ज्यादा बेहतर टीआरपी लाएंगी ।

इसे एक उदाहरण की मदद से समझिए । मान लेते हैं कि एक न्यूज एडिटर के पास कुल 5 खबरें इकट्ठी होती हैं जिनमें से 4 राष्ट्रीय स्तर की अहम खबरें हैं और पांचवीं कोई क्षेत्रीय खबर । ऐसे में हो सकता है कि क्षेत्रीय खबर को सिर्फ हेडलाइन में स्थान मिल पाए या इसे स्थान ही न मिले । क्योंकि राष्ट्रीय स्तर की अहम खबरें देश और देश की जनता पर ज्यादा प्रभाव डालेंगे और ज्यादा महत्वपूर्ण हैं ।

3. खबरों को व्यवस्थित करना

इसके बाद चुने गए खबरों में से भी कुछ खबर ज्यादा जरूरी और कुछ कम जरूरी होते हैं । कौन सी खबर दिन के किस समय चलानी है, कौन सी खबर प्राइम टाइम पर दिखानी है यह सबकुछ तीसरे पड़ाव में तय होता है । एक न्यूज एडिटर एंकर और अन्य लोगों के साथ मिलकर खबरों को व्यवस्थित करने और एक क्रम में तैयार करता है ।

कुछ खबरें ऐसी होती हैं जिन्हें सिर्फ कुछ सेकंडों में दिखाया जा सकता है, कुछ खबरों पर विश्लेषण जरूरी हो जाता है, कुछ खबरों पर कई लोगों के साथ मिलकर डिस्कशन आवश्यक होता है । इसलिए इन खबरों को इन्हीं सब जरूरतों को देखते हुए व्यवस्थित क्रम में तैयार किया जाता है ।

4. प्रस्तुतिकरण

अंत में आती है News Reporting यानि खबरों का प्रस्तुतिकरण । खबरों के प्रस्तुतिकरण के कई संचार माध्यम होते हैं लेकिन इसमें मुख्य हैं समाचार पत्र, टेलीविजन न्यूज और रेडियो । किस खबर को कौन जनता के सामने प्रस्तुत करेगा, यह भी तय किया जाता है । किसी भी खबर को जनता के सामने रखने से पहले, तय व्यक्ति उन्हें सही से स्टडी करता है और उन्हें अपने शब्दों में ढालता है ।

इसके पश्चात उन खबरों को अपने शब्दों में और अपने तरीके से वह दर्शकों तक पहुंचाता है । खबरों का भी अलग अलग वर्गों में विभाजन होता है जैसे सिनेमा जगत की खबरें, खेल की खबरें, राजनीति की खबरें, अंतरराष्ट्रीय खबरें इत्यादि । इन्हीं खबरों के वर्गीकरण के हिसाब से अलग अलग एंकर या न्यूज प्रेजेंटर News Reporting करते हैं ।

रिपोर्टिंग कितने प्रकार की होती है ?

News Reporting मुख्य रूप से 4 प्रकार की होती है । ये प्रकार हैं objective, interpretative, investigative और crime reporting । चलिए एक एक करके इन चारों के बारे में समझते हुए आगे बढ़ते हैं ।

1. Objective Reporting

Objective Reporting का हिंदी अर्थ वस्तुनिष्ठ रिपोर्टिंग भी होता है । इस रिपोर्टिंग का मुख्य मकसद खबरों को ज्यों का त्यों प्रस्तुत करना होता है । यह लेखक की राय या व्यक्तिगत विश्वासों की परवाह किए बिना मुद्दों और घटनाओं को तटस्थ और निष्पक्ष तरीके से चित्रित करने के लिए है ।

वास्तव में देखा जाए तो सच्ची पत्रकारिता भी यही होती है कि पत्रकार अपने व्यक्तिगत राय या विचारधारा को किनारे रखते हुए लोगों के सामने सही और सटीक तथ्य प्रस्तुत करे । रिपोर्टर को News Reporting करते समय यह ध्यान में रखना चाहिए कि आज सोशल मीडिया और इंटरनेट का जमाना है जहां लोग खुद Uncertified Reporter बने बैठे हैं ।

ऐसे में अगर आप खबरों को तोड़ मरोड़ कर या गलत तरीकों से दिखाने की कोशिश करेंगे तो तुरंत पकड़े जाएंगे । सच्ची पत्रकारिता का धर्म यही कहता है कि आप किसी भी खबर की सत्यता की जांच करें, उसे विभिन्न पहलुओं से समझने की कोशिश करें और फिर बिना कोई व्यक्तिगत टिप्पणी के जनता के सामने पेश करें ।

2. Interpretative Reporting

दूसरे स्थान पर आता है Interpretative Reporting जिसका हिंदी अर्थ व्याख्यात्मक रिपोर्टिंग होता है । इस प्रकार के रिपोर्टिंग के तहत एक पत्रकार को किसी घटना से संबंधित बुनियादी तथ्यों से परे जाने और अधिक गहन समाचार कवरेज प्रदान करने की आवश्यकता होती है । इस प्रकार की रिपोर्टिंग में रिपोर्टर सिर्फ खबरों को ज्यों का त्यों पेश नहीं करता है ।

बल्कि उस खबर से जुड़े कई तथ्यों, उसके भूत भविष्य और वर्तमान का आंकलन करना और विभिन्न नजरिए से खबर को समझकर फिर जनता के सामने पेश करना होता है । उदाहरण के तौर पर मान लेते हैं कि केंद्र सरकार कोई बिल संसद से पास कराती है, जिसका भारी विरोध होता है ।

ऐसे में एक रिपोर्टर उस बिल की तह तक जाता है, बिल के अच्छे और बुरे पहलुओं को उजागर करता है और विभिन्न लोगों के दृष्टिकोण को भी सबके सामने रखता है । इसमें सही तथ्यों की आवश्यकता होती है इसलिए प्राप्त जानकारी को कई तरीकों से वेरिफाई किया जाता है ।

3. Investigative Reporting

यह एक सच्चाई है कि सभी प्रकार की रिपोर्टिंग के लिए थोड़ी बहुत जांच की आवश्यकता होती है, लेकिन Investigative Reporting में रिपोर्टर बुनियादी रिपोर्टिंग की सीमा से परे चला जाता है । इसे हिंदी में खोजी पत्रकारिता भी कहते हैं ।

खोजी पत्रकारिता का अर्थ है उन मामलों का खुलासा करना जो या तो सत्ता की स्थिति में किसी व्यक्ति द्वारा जानबूझकर छुपाए जाते हैं, या गलती से दबे हुए हैं । इस प्रकार की News Reporting में जान जाने तक का खतरा मौजूद होता है ।

4. Crime Reporting

News Reporting का अगला प्रकार है Crime Reporting यानि अपराध रिपोर्टिंग । नाम से ही आप समझ गए होंगे कि क्राइम रिपोर्टिंग में अपराध संबंधित मामलों की रिपोर्टिंग की जाती है । यह अपराध के बारे में कहानियाँ लिखने और प्रकाशित करने का कार्य है ।

अपराध रिपोर्टर अक्सर अपराध स्थल पर सबसे पहले पहुंचते हैं, और वे कहानी को जल्द से जल्द जनता तक पहुंचाने के लिए काम करते हैं । अपराध और हिंसा के समाचार हमारे आसपास की दुनिया के बारे में हमारी समझ को आकार देते हैं इसलिए क्राइम रिपोर्टिंग जनता के लिए बेहद जरूरी है ।

Reporter बनने के लिए क्या करें ?

अगर आप एक News Reporter बनना चाहते हैं तो इसके लिए आपको सबसे पहले पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी करनी होगी । News Reporting की दुनिया में जाने के लिए आपके पास कुल 3 रास्ते हैं । बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के पश्चात आप BMC (Bachelor of Mass Communication), B.M.M. (Bachelor of Mass Media), MAJMC (MA in Journalism and Mass Communication) कर सकते हैं

इन तीनों कोर्स को करने के उपरांत आप पत्रकारिता के क्षेत्र में काफी आगे तक जा सकते हैं और काफी ज्ञान हासिल कर सकते हैं । इन कोर्स को करने के अलावा भी आपके अंदर अच्छी Communication Skills, Persuasive Skills और News Sense होनी चाहिए । इन कोर्स को करने के उपरांत आपको Internship भी कर लेना चाहिए ।

रिपोर्टर को कितनी सैलरी मिलती है ?

एक News Reporter को भारत में आमतौर पर औसतन सैलरी 17000/महीने की मिलती है । ध्यान दें कि यह एक औसत सैलरी है । साथ ही जब आप नए नए इस फील्ड में एंट्री करेंगे तो आपकी सैलरी अवश्य ही कम होगी । लेकिन जैसे जैसे आप इस News Reporting की दुनिया में मंझते चले जायेंगे, आपकी सैलरी भी बढ़ती जायेगी ।

अगर एक Senior News Reporter या News Editor की भूमिका ग्रहण करते हैं तो आपकी सैलरी में जबरदस्त इजाफा देखने को मिलेगा । इस पद पर 17 लाख रूपए/वार्षिक की कमाई भी कर सकते हैं । श्वेता सिंह, सुधीर चौधरी, अंजाना ओम कश्यम जैसे बड़े न्यूज एंकर की सैलरी लाखों रुपए प्रति माह होती है ।

Zee News में रिपोर्टर कैसे बनें ?

अगर आप देश के सबसे बड़े न्यूज चैनल में शुमार Zee News में News Reporting करना चाहते हैं तो इसके लिए सबसे पहले आपको जरूरी सभी शिक्षा प्राप्त कर लेनी चाहिए । बीएमसी, बीएमएम जैसी डिग्रियां हासिल करके आप न्यूज चैनल में काम करने के लिए योग्य हो जाते हैं । इसके पश्चात आपको News Job Hunt की शुरुआत करनी चाहिए ।

Zee News, Aaj Tak, Times Now जैसे बड़े न्यूज चैनलों में आप नौकरी की तलाश कर सकते हैं और वेकेंसी आने पर सीधे अप्लाई भी कर सकते हैं । हालांकि सीधे तौर पर इन बड़े न्यूज चैनलों को ज्वाइन करने से पहले आपको पहले Internship करने के साथ ही छोटे मीडिया संस्थानों में नौकरी करके News Reporting का अनुभव ले लेना चाहिए ।

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