What is aided college in Hindi – Aided Vs Unaided College

हाल के सालों में भारत की शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव देखने के मिले हैं । पहले के समय में शिक्षकों और शिक्षण संस्थाओं की काफी कमी थी परंतु अब स्तिथि काफी बदल चुकी है । अब आपको अपने घर के पास ही स्कूल या कॉलेज भी मिल जायेंगे । ये कॉलेज एक दूसरे से कई मायनों में भिन्नता रखते हैं और इस भिन्नत की मुख्य वजह इनका Aided या Unaided College होना है ।

आपने अक्सर ये दो शब्द सुना होगा परंतु क्या आप जानते हैं कि What is aided college in Hindi और यह Unaided college से कैसे अलग होता है ? अगर नहीं, तो आपको यह आर्टिकल अंत तक पढ़ना चाहिए जिसमें आपको पूरी जानकारी दी जायेगी ।

What is aided college ?

जिस कॉलेज को सरकार से सहायता मिलती है उसे सहायता प्राप्त कॉलेज या aided college कहा जाता है । इस तरह के कॉलेजों को सरकार की तरफ से काफी सहायता प्राप्त होती है और सरकार ही इन कॉलेजों के विकास की मुख्य जिम्मेदार होती हैं । सहायता प्राप्त कॉलेजों को बुनियादी ढांचे के विकास, शैक्षणिक गतिविधियों जैसे विभिन्न उद्देश्यों के लिए सरकार से अनुदान मिलता है ।

सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेज सरकार द्वारा निर्धारित फीस लेने के लिए बाध्य हैं । आमतौर पर, सहायता प्राप्त कॉलेजों की फीस संरचना गैर-सहायता प्राप्त कॉलेजों की तुलना में उचित होती है । एक aided college में अधिकांश छात्रों की प्रवेश प्रक्रिया योग्यता के माध्यम से होती है । साथ ही, प्रत्येक प्रोफेसर और पेशेवर के लिए आवश्यक मानक योग्यता सरकार द्वारा निर्धारित की जाती है ।

अगर आप जानना चाहते हैं कि आप किस प्रकार के कॉलेज में पढ़ रहे हैं तो कॉलेज की वेबसाइट या प्रबंधन से संपर्क कर सकते हैं । इसके अलावा, अगर आपकी कॉलेज की फीस नाममात्र है तो आप समझ लीजिए कि आप एडेड कॉलेज में ही पढ़ाई कर रहे हैं ।

What is unaided college ?

जिस कॉलेज को सरकार से कोई फंड या सहायता नहीं मिलती है उसे unaided college कहा जाता है । गैर सहायता प्राप्त महाविद्यालयों को सरकार की ओर से कोई सहयोग नहीं मिलता है । वे अक्सर बाहरी मदद के लिए निजी फर्मों या संगठनों से जुड़े होते हैं ।

एक गैर सहायता प्राप्त कॉलेज में, प्रबंधन द्वारा शिक्षकों और अन्य पेशेवरों के पारिश्रमिक का भुगतान किया जाता है। वे भर्ती प्रक्रिया का भी ध्यान रखते हैं और मानदंड निर्धारित करते हैं । गैर सहायता प्राप्त कॉलेज स्वायत्त हैं, क्योंकि उनके पास कोई दायित्व नहीं है इसलिए वे स्वतंत्र रूप से कार्य कर सकते हैं और किसी के प्रति जवाबदेह नहीं हैं ।

गैर-सहायता प्राप्त कॉलेजों की फीस संरचना बहुत ज्यादा होती है और वे fee structure में हमेशा बदलाव भी करते रहते हैं । इन्हें आप private colleges भी कह सकते हैं जहां सरकार का हस्तक्षेप लगभग न के बराबर होता है । हालांकि, इन कॉलेज के द्वारा मनमाना फीस लेने पर अक्सर लोगों के बीच से आवाज उठाती रहती है । कई बार यह भी सुनने को मिला कि इनके लिए भी कानून बनाए जायेंगे पर अभी तक ऐसा कुछ हुआ नहीं है ।

Difference between aided & unaided college

चलिए अब हम दोनों प्रकार के कॉलेजों को ढेरों मापदंडों पर आंकते हैं और दोनों के बीच के अंतर को स्पष्ट करते हैं । आप नीचे दिए गए टेबल की मदद से सहायता प्राप्त और गैर सहायता प्राप्त कॉलेजों के बीच के अंतर को समझ सकते हैं ।

तुलना के मापदंडAided CollegeUnaided College
मानदंडप्रवेश और भर्ती दोनों के लिए सरकार द्वारा मानदंड निर्धारित किए जाते हैंप्रवेश और भर्ती के लिए मानदंड प्रबंधन निर्धारित करता है
फीसयथोचितबहुत ज्यादा और अक्सर अनुचित
निधि ( fund )सरकार द्वारा फंड जारी किए जाते हैंउन्हें सरकार से कोई फंड नहीं मिलता है
स्वायत्तता ( Autonomous )वे स्वायत्त नहीं हैंवे स्वायत्त हैं
संरक्षणशिक्षक और अन्य पेशेवरों को सुरक्षा प्रदान की जाती है शिक्षक और अन्य पेशेवरों को सुरक्षा प्रदान नहीं की जाती है
पारिश्रमिकसैलरी सरकार द्वारा दी जाती है सैलरी या अन्य खर्च सरकार द्वारा नहीं दिए जाते हैं
सुविधाएंकम सुविधाएंअधिक सुविधाएं
शिक्षा की गुणवत्ताऔसत या कई मायनों में बेहतरीन ज्यादातर बेहतरीन

मुझे उम्मीद है कि आप अंतर समझ गए होंगे । परंतु आपने कई बार Privately Managed Aided Colleges सुना होगा । ये क्या होते हैं ? चलिए जानते हैं ।

Privately Managed Aided Colleges

इस तरह के कॉलेज में grants और expenses को दो भागों में बांटा जाता है । इसके बाद कुल खर्चों का कुछ प्रतिशत सरकार और कुछ कॉलेज प्रबंधन को वहन करना होता है । कई ऐसे प्राइवेट संस्थान हैं जहां SC/ST के लिए आरक्षण की भी सुविधा उपलब्ध है । इस तरह के मामलों में सरकार को इन कॉलेज को वित्तीय सहायता उपलब्ध करानी होती है ।

भारत के कई ऐसे राज्य हैं जैसे Andhra Pradesh, Haryana इत्यादि जो धीरे धीरे इस तरह के कॉलेजों को सरकार के ही अंतर्गत लाने का कार्य कर रही हैं । इन सरकारों का मानना है कि प्राइवेट शिक्षण संस्थान सरकार से भी फंड लेते हैं पर उसका सदुपयोग नहीं होता है । इन राज्य सरकारों का मानना है कि अब सरकारी शिक्षण संस्थानों दी प्रदान की जा रही शिक्षण गुणवत्ता में वृद्धि हुई है ।

ऐसे में वे उन कॉलेजों को अब सहायता नहीं देना चाहते हैं जो सरकार से अच्छी गुणवत्ता की शिक्षा के नाम पर पैसे लेकर धोखाधड़ी का कार्य कर रहे हैं । The Indian Express की इस report में आंध्र प्रदेश की सरकार ने हाल ही में यह निर्णय लिया है कि राज्य सभी सरकारी सहायता प्राप्त निजी शिक्षण संस्थानों का अधिग्रहण करेगी ।

शिक्षा की गुणवत्ता किसमें ज्यादा बेहतर ?

सबसे बड़ा प्रश्न यह आता है कि क्या Aided Colleges किसी मायने में Unaided Colleges से बेहतर हैं ? तो इसका उत्तर है कि सरकार द्वारा सहायता प्राप्त कॉलेजों या शिक्षण संस्थानों में फीस काफी कम होती है । परंतु बात करें सुविधाओं की तो अभी भी ये गैर सहायता प्राप्त कॉलेजों से काफी पिछड़ी हैं । हालांकि, देश के विभिन्न हिस्सों में कई ऐसे सरकारी सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थान हैं जो काफी बेहतर हैं परंतु पूरी तस्वीर अभी अच्छी नहीं है ।

दूसरी तरफ अगर बात करें शिक्षा की गुणवत्ता की तो इसमें भी वर्तमान परिदृश्य के मुताबिक unaided colleges ही बाजी मारते हुए दिखाई देते हैं । यहां मैं दोबारा कहना चाहूगा कि कई ऐसे सरकारी सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थान हैं जिनकी शिक्षा गुणवत्ता बहुत ही बेहतरीन है । उदाहरण के तौर पर अगर हम बात करें Banaras Hindu University और Lucknow University जैसे कॉलेजों द्वारा प्रदान की जा रही शिक्षा गुणवत्ता काफी अच्छी है ।

परंतु, अगर हम बात करें पूरी तस्वीर की तो Unaided colleges बाजी मरते हुड दिखाई पड़ते हैं । आप अगर जानना चाहते हैं कि आप जिस कॉलेज में एडमिशन लेने जा रहे हैं वह विभिन्न मानदंडों में कैसा है तो आप ऑनलाइन उसकी रेटिंग्स चेक कर सकते हैं । Collegeduniya साइट पर आप अपने मनपसंद कॉलेज को खोजकर उसकी ratings जान सकते हैं ।

Conclusion

मुझे पूरी उम्मीद है कि आप लोगों को What is aided college in Hindi और यह unaided colleges से कैसे अलग है पर दी गई जानकारी पसंद आई होगी । मैंने आपके सभी प्रश्नों का जवाब देने की कोशिश की है । अगर आपके मन में आर्टिकल में दी गई जानकारी से इतर कोई भी प्रश्न है तो कॉमेंट में जरूर पूछें ।

इसके अलावा, अगर आप अपनी राय या सुझाव देना चाहते हैं तो आपका कॉमेंट बॉक्स में स्वागत है । अगर आप चाहते हैं कि आपके दोस्त, भाई, बहन भी इस महत्वपूर्ण जानकारी को प्राप्त कर सकें तो आर्टिकल शेयर करें । नीचे आपको sharing buttons दिख रहे होंगे जिनकी मदद से आप आर्टिकल को मनचाहा प्लेटफॉर्म पर शेयर कर सकते हैं ।

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