EPFO Full Form in Hindi

EPFO क्या है और यह कैसे काम करता है ? EPFO full form in Hindi

आज के इस पोस्ट में हम आपको बताएंगे कि EPFO क्या है ? इसके साथ ही आप जानेंगे EPFO full form in Hindi . अगर आप नौकरी करते हैं और या किसी अन्य माध्यम से पैसा कमाते हैं तो आपने इसके बारे में अवश्य सुना होगा । आज हम विस्तार से इसके बारे में जानेंगे इसके साथ ही हम निम्नलिखित पॉइंट्स के बारे में भी बताएंगे –

  • EPFO kya hai ?
  • EPF ka full form kya hai ?
  • EPF Scheme kya hai ?
  • EPF Elgibility kya hai ?
  • सैलरी से भविष्य निधि में कटौती कैसे होता है ?

तो चलिए शुरू से शुरू करते हैं –

EPFO क्या है ?

EPFO ( The Employees’ Provident Fund Organisation ) दुनिया की सबसे बड़ी सामाजिक सुरक्षा संगठन है । यह एक रिटायरमेंट फंड बॉडी है जो भारत में सैलरी पा रहे लोगों को पेंशन , बीमा के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा देने का काम करती है । इसका गठन 4 मार्च , 1952 को किया गया था ।

इसका हेडक्वार्टर नई दिल्ली में हैं । इसे केंद्र सरकार द्वारा ऑपरेट किया जाता है । EPFO का फूल फॉर्म The Employees’ Provident Fund Organisation है जिसे हिंदी में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन भी कहते हैं । आप इसकी वेबसाइट को विजिट कर सकते हैं । अब आप epfo ka Matlab समझ गए होंगे ।

EPFO का Full Form क्या है ?

EPFO का फूल फॉर्म The Employees’ Provident Fund Organisation है । इसे हिंदी में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन कहते हैं ।

EPF Scheme क्या है ?

Employees’ Provident Fund जिसे कर्मचारी भविष्य निधि भी कहते हैं एक सेवानिवृत्ति लाभ योजना है । यह कर्मचारियों को रिटायरमेंट ( सेवानिवृत्ति ) के बाद दिया जाता है । इस योजना को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन द्वारा देखभाल और रखरखाव किया जाता है ।

कानून के हिसाब से ऐसी किसी भी कंपनी में जिसमें 20 से ज्यादा कर्मचारी हों , उन्हें EPFO में खुद को रजिस्टर करना ही होता है । अब आप समझ गए होंगे कि EPF kya hai !

EPF के लिए पात्रता ( eligibility ) क्या है ?

वे सभी कर्मचारी जो भारत में सैलरी पा रहे हैं वे कर्मचारी भविष्य निधि यानि कि EPF के लिए eligible हैं । हालांकि , वे कर्मचारी जिनकी महीने की तनख्वाह 15,000 रुपए से कम हैं , उन्हें एक EPF account के लिए registration करना होता है । अगर कानून के हिसाब से देखें तो , अगर किसी भी कंपनी ने 20 से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं तो उन्हें EPFO के लिए रजिस्टर करना बेहद जरूरी है ।

अगर एक व्यक्ति प्रति माह 15,000 रुपये से अधिक वेतन प्राप्त कर रहा है , तो उसे एक गैर-योग्य कर्मचारी कहा जाता है और उनके लिए EPF का सदस्य बनना अनिवार्य नहीं है, हालाँकि वह फिर भी पंजीकरण ( registration ) कर सकता है । 20 से कम कर्मचारियों वाली कंपनियां भी अपनी इच्छा से पंजीकरण कर सकती हैं ।

कंपनी के मालिकों के विवरण के साथ , ईपीएफ पंजीकरण के लिए उस कंपनी का विवरण प्रस्तुत करना होगा । पंजीकरण इस योजना की official website के माध्यम से किया जा सकता है ।

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सैलरी से भविष्य निधि में कटौती कैसे होता है ?

नियोक्ता ( Employer ) और कर्मचारी ( Employee ) दोनों द्वारा किया गया योगदान कर्मचारी के मूल वेतन का 12% है । हालाँकि कर्मचारी द्वारा दिए गए योगदान का पूरा 12 % उनके ईपीएफ खाते में चला जाता है , Employer के योगदान से 12 प्रतिशत में से 8.33 प्रतिशत कर्मचारी के ईपीएस (कर्मचारी पेंशन योजना) खाते में भेज दिया जाता है । Employer ( नियोक्ता ) की ओर से 3.67 प्रतिशत (अधिकतम 15,000 रुपये) के बराबर कर्मचारी ईपीएफ खाते में जाता है ।

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