Cache और Purge Cache क्या होता है ? डिलीट करना चाहिए ?

Cache और Purge Cache क्या होता है ? क्या इसे डिलीट कर देना चाहिए ?

अगर आप इंटरनेट यूजर हैं या ब्लॉगर हैं , तो आपने अवश्य ही Cache का नाम सुना होगा । WordPress पर ब्लॉगिंग करने वाले ब्लॉगर्स ने अगर W3 Total Cache प्लगइन को इंस्टॉल किया है तो उन्होंने Purge Cache ऑप्शन जरूर देखा होगा । पर क्या आप जानते हैं कि Cache और Purge Cache क्या होता है ? क्या आप जानना चाहते हैं कि इसके फायदे और नुकसान क्या क्या हैं ? क्या आप जानना चाहते हैं कि इसे डिलीट करना चाहिए या नहीं ? अगर हां , तो आप बिल्कुल सही जगह पर हैं ।

Blogging की दुनिया हो चाहे इंटरनेट की , Cache की बहुत बड़ी भूमिका रही है । इसके ढेरों फायदे हैं और कुछ नुकसान भी । अगर आप एक ब्लॉगर हैं तो आपको Cache और Purge Cache के कॉन्सेप्ट को सही तरीके से समझ लेना चाहिए । अगर आप एक इंटरनेट यूजर हैं तब भी आपको इसके बारे में जानना चाहिए । यह सबके लिए जानना जरूरी है । तो चलिए शुरू से शुरू करते हैं :

Cache क्या है ?

Cache क्या है

कंप्यूटर की दुनिया में Cache एक प्रकार से Stored Data की copy होता है । यह अपने original server में stored होता है । यह इसलिए ताकि जब भी इंफॉर्मेशन को दोबारा access करने की जरूरत पड़े तो , इंफॉर्मेशन की original copy को लोड करने का समय बचे ।

इंटरनेट यूजर्स के लिए एग्जाम्पल :

इसे आप इस तरह समझें कि मान लें आपने हमारी वेबसाइट को visit किया । आप जितना ज्यादा इंफॉर्मेशन हमारी वेबसाइट से देखते – पढ़ते जाएंगे , उसकी एक copy आपके सर्वर में भी स्टोर होती जाएगी । यह आपके ब्राउज़र में स्टोर होती जाती है । अगर आप दोबारा हमारी वेबसाइट पर आते हैं और उन्हीं informations को दोबारा देखेंगे , तो यह पहले के मुताबिक ज्यादा तेजी से load होगा । यह इसलिए क्योंकि आपके Browser के सर्वर में हमारे वेबसाइट की एक copy already cache के रूप में stored है ।

अगर आप अपने ब्राउज़र के सेटिंग्स में जाकर Cache को क्लियर कर देंगे तो ब्राउज़र के सर्वर में stored हमारे वेबसाइट की कॉपी भी डिलीट हो जाएगी । ऐसे में दोबारा आपको हमारी वेबसाइट को खोलने में थोड़ा ज्यादा समय लग सकता है और इसके साथ ही हमारे वेबसाइट से जुड़ी settings वगैरह भी डिलीट हो जाएगी । जैसे notifications , sounds इत्यादि ।

Bloggers के लिए एग्जाम्पल

अगर आप एक ब्लॉगर हैं और खासकर कि WordPress पर ब्लॉगिंग करते हैं तो आप इसे इस तरह समझें कि जब भी कोई visitor पहली बार आपके वेबसाइट पर आता है तो आपकी वेबसाइट उसके लिए normally खुलती है । इसमें ब्राउज़र आपके सर्वर को request भेजता है और आपका सर्वर ब्राउज़र को आपके कंटेंट की HTML कॉपी भेज देता है । इसके बाद विजिटर्स को कंटेंट दिखता है ।

परन्तु अगर आपका cache ऑन है तो जो HTML की कॉपी पहले विजिटर्स को भेजी गई थी , वह सर्वर उसे स्टोर कर लेता है । यह उसे RAM ( Random Access Memory ) में स्टोर करता है और यह बहुत ही फास्ट होता है । अब जब अगली बार विजिटर्स आपके होमपेज / वेबसाइट पर आते हैं तो बिना किसी request , processing और नए HTML फाइल को तैयार किए बिना , सर्वर पहले से ही तैयार HTML फाइल को ब्राउज़र को भेज देता है ।

Cache और Caching कितने प्रकार के होते हैं ?

Cache दो प्रकार का होता है :

  • सर्वर Cache
  • ब्राउज़र Cache

इसके साथ ही Caching भी दो प्रकार की होती है :

  • सर्वर Caching
  • ब्राउज़र Caching

1. सर्वर Caching

सर्वर caching के बारे में हमने पहले ही बताया कि यह users के requests के basis पर पहले से ही कंटेंट के HTML फाइल को स्टोर करके रखता है । इसके बाद जब विजिटर्स यूज वेबसाइट या उस कंटेंट को Access करना चाहते हैं तो वह उन्हें वहीं stored copy वाला HTML फाइल ब्राउज़र को भेज देता है । इस तरह विजिटर्स को कंटेंट ज्यादा आसानी से और तेज़ गति से दिखता है । इसमें भी अपने दो अलग अलग caches के बारे में सुना ही होगा , वे है –

  • object cache : object cache सिर्फ डाटा के कुछ parts को ही स्टोर करता है । जैसे कि आपका Navigation Menu , Search Bar इत्यादि । यह बहुत ही यूजफुल होता है जिसकी वजह से first contentful paint को डिस्प्ले करने में आसानी होती है ।
  • Full Page Caching : इसके बारे में हम शुरू से ही बात करते आ रहे हैं । इसमें आपके वेबसाइट की caching होती है और data आपके server में स्टोर होता है ।

2. ब्राउज़र Caching

हमने इसे भी ऊपर इंटरनेट यूजर्स के लिए caching का मतलब वाले पार्ट में समझाया है । यह कुछ इस तरह है कि जब भी आप किसी भी वेबसाइट के पेज को लोड करते हैं तो उसमें javascripts , stylesheets , fonts इत्यादि भी लोड होता है । आपका ब्राउज़र जिसमें caching पहले से ही enabled होती है , वह इन्हें अपने सर्वर में लोड कर लेता है । यह इसलिए ताकि जब आप दोबारा यूज पेज पर जाएं , तो आपको वह पेज खोलने में मशक्कत न करनी पड़े ।

ब्राउज़र cache पहले से ही stored data जिसमें javascripts , stylesheets और fonts होते हैं , उन्हें डिस्प्ले करता है और आपका लोडिंग टाइम घटता है । इसे आप इस तरह समझें कि आप अभी हमारी वेबसाइट listrovert.com पर हैं । आपको पहली बार इस कंटेंट को खोलते वक़्त कुछ समय अवश्य लगा होगा । इसके साथ ही images और videos की लोडिंग का समय भी अलग से लगा होगा । परन्तु , जब अगली बार आप इस कंटेंट को दोबारा देखेंगे , तो यह पहले से ज्यादा fast और smooth तरीके से खुलेगा ।

Purge Cache क्या होता है ?

Purge Cache आपके वेबसाइट की HTML कॉपी होती है जो आपके सर्वर में स्टोर होती है । Purge Cache का मतलब Stored Cache या आपके कंटेंट की HTML कॉपी को डिलीट करना ही होता है । जो लोग अपने वर्डप्रेस की वेबसाइट के लिए W3 Total Cache प्लगइन इंस्टॉल किया है , उन्हें यह ऑप्शन जरूर दिखा होगा । जब भी आप Purge Cache करते हैं तो आपके साइट की html कॉपी डिलीट हो जाती है ।

एक बार आप जब purge cache करके पहले से ही stored html कॉपी को डिलीट कर देते हैं तो आपके सर्वर से stored caches डिलीट हो जाते हैं । ऐसा करने पर अगर आप दोबारा अपनी वेबसाइट को लोड करेंगे तो आपका सर्वर फिर से सारे कंटेंट को लोड करेगा , एक html कॉपी तैयार करेगा और आपके ब्राउज़र को भेजेगा । यह हमने ऊपर ही आपको बता दिया है ।

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क्या Cache को डिलीट करना चाहिए और क्यों ?

अब प्रश्न आता है कि क्या आपको Cache को Purge यानि कि डिलीट कर देना चाहिए ? क्या Cache को डिलीट या purge करने से कोई फायदा या नुकसान है ? तो चलिए आपके इस प्रश्न का उत्तर देते हैं :

अगर आप एक ब्लॉगर हैं तो :

  • आपको cache डिलीट तब नहीं करना चाहिए जब आप चाहते हों कि आपके visitors को आपकी वेबसाइट खोलने में आसानी रहे और वेबसाइट डाउन की समस्या न आए ।
  • आपको cache डिलीट या purge तब करना चाहिए जब आपका ब्राउज़र आपके होमपेज पर पुराने पोस्ट्स और पेजेस ही दिखा रहा हो । ऐसे में अगर आप cache purge करते हैं तो आपका ब्राउज़र और सर्वर नए कंटेंट को request , deliever और display करने लगता है और आपके नए कंटेंट भी दिखना शुरू हो जाते हैं ।

अगर आप एक इंटरनेट यूजर हैं तो :

  • आपको अपने ब्राउज़र की सेटिंग्स से Cache को क्लियर या डिलीट तब नहीं करना चाहिए , जब कि आप चाहते हैं कि आपने जो भी वेबसाइट्स आजतक खोली या देखी हैं वे तेजी से खुले । ऐसे में आपका stored cache डाटा ही आपको बिना extra loading के आपको कंटेंट दिखाएगा ।
  • आपको अपने ब्राउज़र से cache को क्लियर या डिलीट तब कर देना चाहिए जब आप चाहते हों कि नए डाटा भी लोड हों । इसके साथ ही ज्यादा मात्रा में cache स्टोर करके रखना आपके ब्राउज़र को slow कर सकता है । ऐसे में आपको समय समय पर cache क्लियर कर देना चाहिए ।

Conclusion :

हमने आपको समझाया कि Cache और Purge Cache क्या है । इसके साथ ही आपने जाना कि cache और caching कितने प्रकार की होती है । आगे हमने बताया कि आपको cache purge या डिलीट करना चाहिए या नहीं । अगर अब भी आपके मन में इस पोस्ट से जुड़ा कोई भी प्रश्न है नीचे अवश्य कमेंट करें । अगर आप किसी भी विषय पर विस्तार से पोस्ट चाहते हैं तो नीचे कमेंट करे ।

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