NEFT , RTGS , IMPS , ECS Full form in Hindi – अंतर और हिंदी मीनिंग

इस पोस्ट में आप विस्तार से NEFT , RTGS , IMPS , ECS full form in Hindi के बारे में जानेंगे । इसके साथ ही हम आपको यह भी बताएंगे कि आपको किस परिस्थिति में कौन सा Mode of transfer of money अपनाना चाहिए । आज के समय में जब पूरी दुनिया Digitalisation के पथ पर अग्रसर है , वैसे में आपके लिए इन Terms को जानना अतिआवश्यक है । हम NEFT , RTGS , IMPS , ICS full form in Hindi के पोस्ट में आपको इससे जुड़ी हर जानकारी के बारे में बताएंगे ।

बैंकिंग और ऑनलाइन पेमेंट के क्षेत्र में इन Terms का बहुत ही बड़ा योगदान है । आप जब कभी भी Net Banking के द्वारा पैसे ट्रांसफर करने जाते हैं तो इन terms को अवश्य देखते होंगे । तो ऐसे में यह बहुत ही ज्यादा जरूरी हो जाता है कि आप इनके बारे में सही ढंग से जानें और इनका सही उपयोग करें ।

Contents

NEFT Full Form in Hindi

NEFT kya hai in Hindi

NEFT का फूल फॉर्म National Electronic Fund Transfer है जिसे हिंदी में राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक निधि स्थानांतरण कहते हैं । यह एक बैंक शाखा से किसी अन्य बैंक शाखा के खाते में रुपए ट्रांसफर करने का एक बढ़िया माध्यम है । यह आरबीआई द्वारा हैंडल किया जाता है जिसे वर्ष 2005 में शुरू किया गया था ।

इसकी स्थापना Institute for Development and Research in Banking Technology ( IDRBT ) द्वारा की गई थी । बैंकिंग क्षेत्र में लगातार हो रहे विकास और देश में डिजिटलाइजेशन की वजह से NEFT देश का सबसे पसंदीदा फंड ट्रांसफर करने का माध्यम बन गया है । इसकी वजह से अब आपको किसी भी बैंक जाने कि जरूरत नहीं है । आप घर बैठे अपने स्मार्टफोन के माध्यम से किसी के भी खाते में रुपए भेज सकते हैं ।

इस तरह आप आसान भाषा में NEFT full form in Hindi समझ गए होंगे । चलिए अब इसके बारे में और विस्तार से समझते हैं ।

NEFT की प्रक्रिया क्या है ?

अगर कोई व्यक्ति अपने अकाउंट से रुपए किसी अन्य व्यक्ति के अकाउंट में ट्रांसफर करना चाहता है तो वह NEFT के माध्यम से कर सकता है । ऐसा करने के लिए आपके पास बस एक स्मार्टफोन होना चाहिए जिसकी मदद से आप फंड ट्रांसफर कर सकते हैं । पहले की तरह , आपको अब बैंक जानें और पैसे निकाल कर किसी अन्य के अकाउंट में डालने के लिए लाइन में खड़े होने की जरूरत नहीं है ।

इसके साथ ही अब किसी अन्य व्यक्ति के अकाउंट में फंड ट्रांसफर करने के लिए आपको चेक भी काटने की बिल्कुल जरूरत नहीं है । आप घर बैठे अपने बैंक के Net Banking सुविधा की मदद से पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं । हालांकि , इसके लिए आपका बैंक NEFT – Enabled अवश्य होना चाहिए । इससे जुड़ी कुछ जरूरी जानकारी है –

  • NEFT का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आप किसी भी बैंक के खाते से रुपए किसी अन्य बैंक के खाते में आसानी से भेज सकते हैं । यह बिल्कुल फ्री और सरल है ।
  • इससे पैसे भेजने की मात्रा एक शर्त यह है कि Sender और Receiver दोनों के बैंक में NEFT – Enabled होना चाहिए ।
  • आपका बैंक नेफ्ट एनाबल्ड है या नहीं , इसे चेक करने के लिए आप RBI की वेबसाइट पर जा सकते हैं । इसके अलावा आप अपने बैंक कस्टमर सर्विस को कॉल करके भी पता लगा सकते हैं ।
  • इसकी मदद से आप नेपाल में भी फंड ट्रांसफर कर सकते हैं । हालांकि यह सिर्फ One Way ही है जिसका अर्थ है कि आप सिर्फ भारत से नेपाल रुपए भेज सकते हैं । Indo-Nepal Remittance Facility Scheme के तहत यह मुमकिन है ।

NEFT की Timing क्या है ?

एनईएफटी एक स्थगित निपटान के आधार पर काम करता है । इसका मतलब है कि आप फंड को कई बैचेस में भेज सकते हैं । पहले इसका समय 8 बजे सुबह से शाम 6 बजे तक , सोमवार से शुक्रवार तक हुआ करता था । परन्तु , आरबीआई ने मांग को देखते हुए नया रेगुलेशन लाया जिसके तहत अब 24*7 आप अपने पैसे इसके माध्यम से ट्रांसफर कर सकते हैं ।

यहां तक कि आप National Holidays के मौकों पर भी आसानी से नेफ्ट के माध्यम से पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं । इसके साथ ही बैंकिंग होर्स ( banking hours ) के बाद भी आसानी से पैसे का लेन देन ऑनलाइन किया जा सकता है क्योंकि यह banking hours के बाद Straight Through Processing (STP) का उपयोग करने लगता है ।

NEFT के माध्यम से रुपए कैसे ट्रांसफर करें ?

अगर आप नेफ्ट के माध्यम से रुपए ट्रांसफर करना चाहते हैं तो आपको –

  • अपने Online Banking Account में login ID और Password की मदद से लॉगिन करें
  • इसके बाद NEFT Fund Transfer सेक्शन में जाएं
  • इसके बाद Receiver का नाम , अकाउंट नंबर , आईएफएससी कॉड ( IFSC code ) भरें
  • Receiver को सफलतापूर्वक जोड़ने के बाद आप रुपए भेज सकते हैं ।

आप जितने रुपए चाहें , Receiver को भेजने के लिए दिए बॉक्स में लिख सकते हैं जिसके बाद उतने रुपए उस व्यक्ति के अकाउंट में ट्रांसफर हो जाएंगे ।

RTGS Full Form in Hindi

RTGS kya hai in Hindi

RTGS का फूल फॉर्म Real Time Gross Settlement है जिसे हिंदी में वास्तविक समय सकल समझौता भी कहते हैं , फंड ट्रांसफर करने का एक सिस्टम है । इसकी मदद से आप आसानी से रुपए या प्रतिभूतियों को ट्रांसफर कर सकते हैं । इसके माध्यम से कम से कम आपको 2 लाख रुपए तक की राशि भेजनी होती है ।

एक खाते से दूसरे खाते में ज्यादा की मात्र में राशि को भेजने के लिए RTGS को उपयोग में लाया जाता है । इसके माध्यम से कम से कम आपको 2 लाख रुपए तक कि राशि भेजनी होती है । यह online / offline दोनों तरीकों से किया जा सकता है । इसमें अधिकतम भेजे जाने वाली राशि पर कोई प्रतिबंध नहीं है । आप जितना चाहें , राशि किसी अन्य बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर सकते हैं । इसका उपयोग ज्यादातर बड़ी कंपनियों द्वारा होता है ।

इसके माध्यम से राशि ट्रांसफर करने की Timing सोमवार से शनिवार तक की है । हालांकि , महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को आप पैसे ट्रांसफर नहीं कर सकते । समयावधि की बात करें तो यह सुबह 8 बजे से लेकर शाम 4:30 तक है । तो अब आपने समझा RTGS full form in Hindi ।

RTGS से पैसे कैसे ट्रांसफर करें ?

इससे पैसे ट्रांसफर करने के लिए आपको –

  • Login ID और Password की मदद से अपने netbanking अकाउंट में लॉगिन करना है
  • इसके बाद Fund Transfer Tab पर जाएं
  • Add a beneficiary को सेलेक्ट करने के बाद select beneficiary type को सेलेक्ट करें और अंत में Transfer to another bank को सेलेक्ट करें
  • इसके बाद receiver के नाम , अकाउंट नंबर , आईएफएससी कोड , बैंक नाम भरें
  • इसके बाद Add पर क्लिक करके confirm करें
  • Confirmation Message आने तक इंतजार करें
  • इसके बाद Fund Transfer Tab से Receiver को सेलेक्ट करें
  • अपने मनमुताबिक राशि दर्ज करें और submission request भेज दें
  • राशि भेजे जाने के 30 मिनट के अंदर ही , राशि रिसीवर के खाते में रुपए पहुंच जाएंगे ।

तो इस तरह आप समझ गए होंगे कि RTGS से पैसे कैसे ट्रांसफर करें । यह बिल्कुल आसान और सिक्योर है ।

RTGS से पैसे भेजने के क्या फायदे हैं ?

इससे राशि ट्रांसफर करने के निम्न फायदे हैं –

  • इसका का पूरा रेगुलेशन RBI के पास है जिसकी वजह से यह safe और secure है ।
  • आप जितने भी transactions करेंगे , वे real time में ट्रांसफर होंगे । यानि कि देरी का कोई सवाल ही नहीं उठता ।
  • इसके माध्यम से आप भारत के geographical boundary के अंदर कहीं भी पैसे भेज सकते हैं ।
  • आप किसी भी स्थान ( घर या ऑफिस ) से पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं ।

IMPS Full Form in Hindi

IMPS kya hai in Hindi

IMPS का फूल फॉर्म Immediate Payment Service है जिसे हिंदी में तत्काल भुगतान सेवा भी कहते हैं । यह एक बैंक खाते से अन्य बैंक खाते में राशि ट्रांसफर करने का बेहतरीन जरिया है जिसकी ट्रांसफर लिमिट 2 लाख रुपए दिन की है । इसकी शुरुआत NPCI ( National Payments Corporation of India ) द्वारा 2010 में की गई थी ।

शुरुआत में सिर्फ 4 बड़े बैंक ही इसकी सुविधा देते थे परन्तु अब करीब 150 से भी ज्यादा बैंकों में यह सुविधा मौजूद है । इसके रेगुलेशन का काम काज RBI करती है । इसे आप किसी भी समय उपयोग में ला सकते हैं । राशि ट्रांसफर करने और आपातकालीन स्थिति में यह एक बेहतरीन माध्यम है । इसके माध्यम से transaction करने पर आपसे बहुत ही कम फीस ली जाती है । तो आपके प्रश्न IMPS full form in Hindi का उत्तर आप समझ गए होंगे ।

IMPS के माध्यम से राशि कैसे ट्रांसफर करें ?

अगर आप आईएमपीएस के माध्यम से रुपए किसी अन्य व्यक्ति के बैंक अकाउंट में भेजना चाहते हैं तो –

  • अपने बैंक के Net Banking Service में लॉगिन करें
  • Beneficiary को जोड़ें जिसके लिए बैंक अकाउंट नंबर , IFSC code , नाम , खाता का प्रकार और संपर्क विवरण भरना होगा
  • बैंक से confirmation का मेसेज आने तक इंतजार करें
  • इसके बाद Fund Transfer टैब में जाएं और receiver को सेलेक्ट करें
  • अंत में अमाउंट भरें और remarks सेलेक्ट करें
  • पेमेंट को वेरिफाई करें जिसके बाद राशि ट्रांसफर हो जाएगी

IMPS की क्या विशेषताएं हैं ?

इसकी निम्न विशेषताएं हैं –

  • Immediate Payment Service राशि ट्रांसफर करने का एक fast , safe और secure तरीका है
  • इसके माध्यम से आप तेजी से inter – account money transfer कर सकते हैं
  • यह net banking और mobile banking दोनों पर काम करता है
  • यह 24*7 उपलब्ध है । राष्ट्रीय अवकाशों के दिन भी आप इसका लाभ ले सकते हैं
  • इसमें आप कम से कम 1 रुपए और ज्यादा से ज्यादा 2 लाख रुपए प्रतिदिन भेज सकते हैं
  • इसके माध्यम से सिर्फ beneficiary के मोबाइल नंबर के मदद से भी राशि ट्रांसफर की जा सकती है

ECS Full Form in Hindi

ECS का फूल फॉर्म Electronic Clearing Service है जिसे हिंदी में इलेक्ट्रॉनिक समाशोधन प्रणाली भी कहते हैं । इसे आरबीआई द्वारा भारी मात्रा में राशि को एक बैंक अकाउंट से दूसरे बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करने के लिए लॉन्च किया गया था । इसे NACH (National Automated Clearing House) द्वारा हैंडल किया जाता है ।

National Automated Clearing House जिसे NACH भी कहते हैं NPCI (National Payments Corporation of India) के अधीन काम करता है । रोजमर्रा की जिंदगी में लोग EMI के डेट को अक्सर भूल जाते हैं । इसकी वजह से बैंक पेनाल्टी लगती है । इसके अलावा अगर आप यह रेगुलर बेसिस पर करते हैं तो आपके credit score पर नकारात्मक असर पड़ता है ।

ऐसे में ECS बड़े काम की चीज है । उधार देने वाला ( Lender ) अब लोगों को ECS की फैसिलिटी देते हैं । तो ऐसा क्यों किया जाता है ? यह कैसे काम करता है ? चलिए जानते हैं –

ECS कैसे काम करता है ?

अगर आप लोन लेना चाहते हैं तो इसके लिए सबसे पहले आपको ECS payment mandate साइन करना होता है । इस mandate पर साइन करते ही clearing house को यह अधिकार मिल जाता है कि वह एक fixed amount of money आपके बैंक अकाउंट से EMI के तौर पर काट ले । इसके बाद उतने ही पैसे आपके loan account या lender के अकाउंट में ट्रांसफर कर दे ।

इस mandate में आपके बैंक अकाउंट से जुड़े सभी details मौजूद होते हैं । जैसे आपका बैंक अकाउंट नंबर , बैंक की शाखा , ECS डेबिट डेट और राशि । इस तरह से उधर देने और लेने वाले को किसी अन्य समस्या का सामना नहीं करना पड़ता है और दोनों के लिए लेन देन आसान हो जाता है । इस तरह आप समझ गए होंगे कि ECS kya hai !

Difference Between NEFT , RTGS and IMPS in Hindi

अब जबकि आपने विस्तार से NEFT , RTGS , IMPS और ECS के बारे में जान लिया है तो इसमें अंतर भी आपके लिए हम स्पष्ट करना चाहते हैं । इस Table की मदद से आप इनमें मूल अन्तर को भलीभांति समझ सकते हैं । मुख्य रूप से इसमें हमने सिर्फ NEFT , RTGS , IMPS difference in Hindi को समझाया है –

तुलना का आधारNEFTIMPSRTGS
न्यूनतम ट्रांसफर राशिएक रुपए2 लाख रुपएएक रुपए
भुगतान विकल्पऑनलाइन और ऑफलाइनऑनलाइन और ऑफलाइनसिर्फ ऑनलाइन
अधिकतम ट्रांसफर राशिकोई सीमा नहींकोई सीमा नहीं2 लाख रुपए
निपटारा प्रकारआधे घंटे मेंतुरंततुरंत
सर्विस का समयसभी वर्किंग डेज 8 AM – 7 PM ( दूसरा और चौथा शनिवार छोड़ कर )वर्किंग डेज में सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तकसाल भर ( 24*7 )
लेनदेन शुल्ककोई शुल्क नहींकोई शुल्क नहींव्यक्तिगत बैंक और PPI द्वारा निर्णय
Difference between NEFT , RTGS , IMPS in Hindi

FAQs on NEFT , RTGS , IMPS and ECS full form in Hindi

1. क्या NEFT के माध्यम से पैसे ट्रांसफर करने का कोई लिमिट है ?

RBI द्वारा NEFT से किसी भी प्रकार के लेन-देन पर कोई प्रतिबंध नहीं है । हालांकि , बैंक यह निर्णय खुद ले सकते हैं ।

2. NEFT से लेन देन में हुए विवाद का निपटारा कहां होता है ?

NEFT से हुए किसी भी प्रकार के लेन देन में हुए विवाद के निपटारे के लिए सबसे पहले आपको अपने बैंक से संपर्क करना चाहिए । अगर 30 दिन के अंदर समाधान नहीं होता है तो आप Banking Ombudsman से संपर्क कर सकते हैं जो RBI Banking Ombudsman Scheme, 2006 के अंतर्गत आता है । इसके लिए आप https://m.rbi.org.in/Scripts/AboutUsDisplay.aspx?pg=BankingOmbudsmen.htm का सहारााले सकते हैंं।

3. क्या होगा अगर आप Beneficiary के अकाउंट नंबर को गलत लिखते हैं ?

अगर आप नेट बैंकिंग या मोबाइल बैंकिंग करते समय beneficiary / receiver के अकाउंट नंबर को गलत लिखा है तो राशि उसी अकाउंट नंबर पर चली जाएगी । इसके लिए आप स्वयं जिम्मेदार हैं ।

4. NEFT द्वारा किए गए लेन देन के स्टेटस को कैसे ट्रैक किया जा सकता है ?

इसके लिए आपको NEFT Customer Facilitation Centre (CFC) से संपर्क करना होगा । आप अपने बैंक के वेबसाइट पर CFC से संपर्क करने के बारे में जान सकते हैं । इसके अलावा भी आप RBI के https://m.rbi.org.in/Scripts/bs_viewcontent.aspx?Id=2070 इस वेेेेबसाइट लिंक पर जाकर भी CFC के कॉन्टैक्ट डिटेल को जान सकते हैं ।

5. RTGS सिस्टम में UTR क्या है ?

UTR का फूल फॉर्म Unique Transaction Reference है जो 22 अंकों का होता है । इसका उपयोग किसी भी unique / particular लेनदेन की पहचान के लिए उपयोग में लाया जाता है ।

6. क्या RTGS द्वारा हुए लेन देन को ट्रैक किया जा सकता है ?

Customers के पास ऐसी कोई सुविधा नहीं है जिसकी मदद से वे RTGS द्वारा किए लेन देन को ट्रैक कर सकें । लेकिन , RBI ने आरटीजीएस द्वारा हुए ट्रानसक्शन के लिए positive confirmation को लागू किया है । लेन देन के बाद भेजने वाले व्यक्ति के बैंक में आरबीआई द्वारा मेसेज आता है कि राशि receiver के खाते में सफलतापूर्वक भेज दी गई है ।

7. IMPS कैसे एनाबल करें ?

IMPS को इनाबल करने के लिए आपको सबसे पहले मोबाइल बैंकिंग के लिए रजिस्ट्रेशन करना होगा , अगर आप मोबाइल द्वारा लेन देन करना चाहते हैं । इंटरनेट , एटीएम और ब्रांच चैनल के माध्यम से लेन देन करने के लिए रजिस्ट्रेशन की कोई आवश्यकता नहीं है । यह Sender के लिए एप्लीकेबल है ।

Receiver को पैसे रिसीव करने के लिए अपने बैंक के MMID ( Mobile Money Identifier ) को कलेक्ट करना है और sender को भेजना है । इसके अलावा वह अपने बैंक अकाउंट और आईएफएससी कोड को भी भेज सकता है । आधार कार्ड नंबर का भी उपयोग विकल्प के रूप में किया जा सकता है । Receiver अपने मोबाइल नंबर को रजिस्टर कर सकता है ताकि उसे transaction से जुड़े sms आते रहें ।

NEFT , RTGS , IMPS and ECS full form in Hindi – Conclusion

इस पोस्ट में आपने विस्तार से NEFT , RTGS , IMPS and ECS full form in Hindi के बारे में जाना । हमने इन सभी terms को आपके अच्छे से समझाया । इसके साथ ही इनके बीच अंतर और इनसे जुड़े FAQs भी आपने जाना । अगर आपके मन मे अभी भी कोई प्रश्न बचा है तो नीचे कॉमेंट अवश्य करें । इसके साथ ही अगर आपको यह पोस्ट / जानकारी अच्छी लगी तो प्लीज़ इसे दूसरों के साथ अवश्य शेयर करें ।

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