Computer Assisted Learning in Hindi – कंप्यूटर/संगणक आधारित अधिगम

वर्तमान समय में शिक्षा के क्षेत्र में बहुत बड़ा बदलाव आया है । बढ़ती टेक्नोलॉजी और इंटरनेट की आसान पहुंच की वजह से शिक्षा का प्रसारण काफी सरल और सुगम बन गया है । आप घर बैठे कोई भी कोर्स कर सकते हैं और सर्टिफिकेट भी घर बैठे ही हासिल कर सकते हैं । टेक्नोलॉजी ने किस तरह शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव लाया है और इसके आयाम क्या है इसके बारे में हम Computer Assisted Learning in Hindi के इस आर्टिकल में बात करेंगे ।

अगर आप एक शिक्षक हैं या शिक्षण विषय में रुचि रखते हैं तो आपके लिए यह आर्टिकल हेल्पफुल होगा । कंप्यूटर या संगणक आधारित अधिगम की पूरी जानकारी प्राप्त करने या नोट्स तैयार करने के लिए आपको अंत तक पढ़ना चाहिए ।

Computer Assisted Learning in Hindi

शैक्षिक निर्देश प्रदान करने और सीखने के लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों / कंप्यूटरों का उपयोग करना ही कंप्यूटर आधारित अधिगम या computer assisted learning ( CAL ) कहलाता है । इसमें ऑनलाइन पाठ्यक्रम और कॉलेजों, होमस्कूलिंग और दूरस्थ शिक्षा में उपयोग की जाने वाली पूरक पाठ्यक्रम सामग्री भी शामिल है ।

हम यह कह सकते हैं कि किसी भी प्रकार की तकनीक जिसका उपयोग सीखने के लिए किया जा सकता है, संगणक आधारित अधिगम के अंतर्गत आता है । इस शिक्षण पद्धति के बारे में सबसे बेहतरीन बात यह है कि इसे हर प्रकार की कक्षा में लागू किया जा सकता है । आप इसे किंडरगार्टन के छात्रों के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं और उन्हें इसकी मदद से अलग अलग आकृतियों के बारे में सीखा सकते हैं ।

इसके अलावा आप इसकी मदद से कॉलेज में व्यवसाय अध्ययन कर रहे छात्र को आंकड़ों का प्रबंधन भी सीखा सकते हैं । यह शिक्षा के क्षेत्र में एक क्रांति है जिसे व्यापक रूप में हर शिक्षण संस्थान अपना रहे हैं । आज के समय में घर बैठे छात्र कक्षा कर पा रहे हैं । शिक्षण अधिगम में कंप्यूटर का उपयोग शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति है और आगे आने वाला समय ज्यादा बेहतर होगा ।

Computer Assisted Learning से जुड़ी कुछ जरूरी terminologies यानि शब्दावलियां हैं, जिन्हें जानना आपके लिए बहुत जरूरी है । चलिए इसे एक टेबल की मदद से समझते हैं ।

शब्दावलीअर्थ
WBIWeb Based Instruction
CALComputer Assisted Learning
CAIComputer Assisted Instruction
WBTWeb Based Training/Tutorial
CALLComputer Assisted Language Learning
CBTComputer Based Training/Test

Computer Assisted Learning Tools

कंप्यूटर असिस्टेड लर्निंग की इस प्रक्रिया में ढेरों अलग अलग टूल्स की मदद ली जाती है । मैं आपको एक एक करके सभी के बारे में नीचे जानकारी दे रहा हूं ।

1. पॉडकास्ट और ऑडियो स्ट्रीम

इसमें कंप्यूटर टेप रिकॉर्डर की जगह लेता है । कंप्यूटर एक साउंड सिस्टम से जुड़ा होता है । छात्रों को कंप्यूटर से चलाई जा रही ऑडियो रिकॉर्डिंग को ध्यान से सुनना आवश्यक है । पॉडकास्ट, ऑडियो सीडी/डीवीडी, ऑडियो स्ट्रीम आदि का अक्सर उपयोग किया जाता है ।

इसका उपयोग छात्रों में सुनने के कौशल को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है । यदि छात्रों ने सामग्री को समझ लिया है तो बहुविकल्पीय अभ्यासों के साथ इसका तुरंत पालन किया जा सकता है ।

2. ऑनलाइन संवाद

बच्चों को सिखाने के लिए इंटरनेट की ही मदद से संवाद आयोजित किया जाता है । इसमें कई छात्र आपस में वाद विवाद या किसी विषय पर बातें करते हैं । यह ऑनलाइन टूल्स की मदद से किया जा सकता है और छात्रों के लिए काफी उपयोगी होता है ।

इसकी मदद से छात्र एक दूसरे से अपने विचार बांट सकते हैं और सीखने की प्रक्रिया को रोचक बना सकते हैं ।

3. बहु विकल्पीय प्रश्न

वर्तमान समय में आयोजित की जाने वाले ऑनलाइन परीक्षाओं में बहु विकल्पीय प्रश्न ही होते हैं । CBTs यानि Computer Based Test का चलन काफी बढ़ गया है और ज्यादातर परीक्षाओं में अब संगणक का ही इस्तेमाल हो रहा है । ऐसे में छात्रों को बहु विकल्पीय प्रश्न दिए जाते हैं जिनका उत्तर सिर्फ एक होता है ।

इस तरह की परीक्षा से विद्यार्थियों को दिए गए ज्ञान की समीक्षा की जाती हैं कि उन्होंने अब तक क्या सीखा है । यह तरीका छात्रों के बीच काफी रोचक और लोकप्रिय होता जा रहा है । ऐसे प्रश्नों के मूल्यांकन में कंप्यूटर का प्रयोग समय की बचत के साथ ही शुद्धता की भी गारंटी देता है ।

4. अनुकरण या खेल विधि

अगली विधि का नाम अनुकरण या खेल विधि है जिसमें संगणक आधारित खेल बच्चों से कराए जाते हैं । इस तरह के ऑनलाइन खेलों में छात्रों को एक खास प्रकार की परिस्थिति दी जाती है जिसमें निर्णय लेना महत्वपूर्ण होता है । सही निर्णय लेने पर छात्र खेल जीत सकता है और गलत निर्णय पर हार सकता है । गणित शिक्षण में कंप्यूटर का उपयोग करने से इस विषय को काफी आसान बनाया जा सकता है ।

यह विधि छात्रों के मानसिक विकास और निर्णय लेने के कौशल में विकास करती है । खेल के अंत में छात्रों को उनके द्वारा दिए गए प्रदर्शन के आधार पर फीडबैक भी दिया जाता है ताकि वे ज्यादा बेहतर कर सकें । इंटरनेट पर आपको ढेरों Learning Games For Kids भी मिल जायेंगे ।

5. रिक्त स्थानों की पूर्ति

वर्तमान समय में आयोजित होने वाले CBTs में रिक्त स्थानों की पूर्ति के प्रश्न भी पूछे जाते हैं । बहु विकल्पीय प्रश्नों के साथ ही रिक्त स्थान वाले प्रश्न भी अक्सर करके पूछे जाते हैं । इस तरह के प्रश्नों में सबसे पहले कोई वाक्य दिया जाता है जिसमें कुछ शब्द गायब होते हैं । छात्र को अपनी समझ के अनुसार इन खाली जगहों को उपर्युक्त उत्तरों से भरना होता है ।

इस तरह के प्रश्नों से भी छात्र के सीखने की प्रक्रिया का विकास होता है । इस तरह के प्रश्न ढेरों ऑनलाइन टूल्स की मदद से बनाए जा सकते हैं । शिक्षण अधिगम में कंप्यूटर का उपयोग काफी फायदेमंद साबित हो रहा है ।

Advantages of computer assisted learning

संगणक आधारित अधिगम या CAL के ढेर सारे फायदे हैं जिन्हें आप नीचे पढ़ सकते हैं ।

1. संचार कौशल विकास

Computer Assisted Learning का एक महत्वपूर्ण फायदा यह है कि इसकी मदद से communication skill development यानि संचार कौशल विकास में अच्छा परिणाम देखने को मिला है । चैट और वीडियोकांफ्रेंसिंग लिखने, बोलने और संचार कौशल के विकास में मदद करते हैं ।

इस प्रकार के अधिगम में बोलने का ज्यादा महत्व होता है जिसकी वजह से छात्रों में कम्युनिकेशन स्किल्स का विकास होता है । जब शिक्षक बच्चों को वाद विवाद प्रतियोगिता और राय व्यक्त करने का मौका देते हैं तो छात्रों के अंदर आत्मविश्वास भी बढ़ता है और वे खुलकर अपनी बात को रख पाते हैं ।

2. सीखने की क्षमता में विकास

जब संगणक आधारित अधिगम की मदद ली जाती है तो बच्चों में सीखने की क्षमता का विकास होता है । इसे आप एक उदाहरण से समझ सकते हैं । मान लीजिए कि अगर किसी शिक्षक को मानव शरीर के अंग विषय पर बच्चों को कक्षा में समझाना है तो क्या वे सिर्फ lectures या diagrams की मदद से बेहतर समझा पाएंगे ? या वे कंप्यूटर और 3D टेक्नोलॉजी की मदद से ज्यादा बेहतर समझा पाएंगे ?

कंप्यूटर आधारित शिक्षण का यह एक महत्वपूर्ण फायदा है कि ज्ञानार्थी शिक्षक की बातों को ज्यादा बेहतर तरीके से समझ पाते हैं । सुनने और पढ़ने से ज्यादा दृश्य माध्यम बच्चों पर ज्यादा बेहतर प्रभाव डालता है ।

3. बेहतर कंप्यूटर कौशल

तीसरा सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि छात्रों के अंदर कंप्यूटर कौशल का विकास होगा । जब शिक्षण संगणक आधारित हो जायेगी तो छात्रों को computer skills सीखने ही होंगे । कंप्यूटर के की मदद से शिक्षण ग्रहण करके, जो छात्र कंप्यूटर-साक्षर नहीं हैं, वे अपने कंप्यूटर कौशल को विकसित के लिए मजबूर होंगे । इसे नकारात्मक रूप में लेना सही नहीं होगा बल्कि यहां यह सोचने वाली बात है कि हमारा भविष्य तकनीक पर पूरी तरह निर्भर होगा ।

ऐसे में डिजिटल साक्षरता बहुत ही महत्वपूर्ण साबित होगी । आने वाले समय में कंप्यूटर या टेक्नोलॉजी आधारित कार्यों में बढ़ोत्तरी देखने को मिलेगी इसलिए इनका ज्ञान होना अतिआवश्यक है ।

4. सीखने में सहूलियत

कंप्यूटर आधारित अधिगम छात्रों को उनकी सहूलियत के हिसाब से सीखने की सुविधा प्रदान करता है । एक छात्र किसी भी स्थान से शिक्षा को ग्रहण कर सकता है । इसके अलावा, इस तरह की शिक्षण विधि में समय की कोई पाबंदी भी नहीं होगी यानि की एक छात्र किसी भी समय कक्षाएं कर सकता है । इसका सबसे बड़ा उदाहरण हम यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म को देख सकते हैं जहां से अब छात्र आसानी से कभी भी, कहीं से भी सिख सकते हैं ।

जब छात्र संगणक आधारित अधिगम में शामिल होगा तो उसके सामने एक ही बार में सब कुछ समझ जाने का दबाव भी नहीं होगा । अगर हम बात करें ऑफलाइन कक्षाओं की तो इसमें आप बार बार एक ही चीज को नहीं सिख पढ़ सकते । शिक्षक जल्द से जल्द अपना सिलेबस पूरा करने के पीछे पड़े रहते हैं और वे एक ही विषय को बार बार नहीं समझा सकते ।

परंतु Computer Assisted Learning में छात्र जितनी बार चाहें उतनी बार शिक्षण सामग्री को पढ़ सकते हैं । इससे शिक्षकों का भी काफी समय बच जायेगा और छात्र भी अपनी सहूलियत और क्षमता के अनुरूप सिख पाएगा ।

5. सीखने की प्रक्रिया रोचक होगी

अगला फायदा यह होता है कि सीखने की प्रक्रिया काफी रोचक हो जाती है । शिक्षा में कंप्यूटर प्रौद्योगिकी का उपयोग कक्षा को अधिक आकर्षक और रोचक बनाता है । यह छात्रों का ध्यान बनाए रखता है और कक्षा में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए उनकी प्रेरणा को उत्तेजित करता है ।

आप सभी अच्छे से जानते होंगे कि आज की पीढ़ी मोबाइल, लैपटॉप और इंटरनेट उपकरणों में ज्यादा रुचि दिखाती है । अगर शिक्षा को भी इंटरनेट के ही माध्यम से प्रदान किया जाए तो यह रोचक होगा और बच्चे तेजी से बातें समझ सकेंगे और सिख सकेंगे ।

Disadvantages of Computer Assisted Learning

जहां संगणक आधारित अधिगम के फायदे हैं तो इसके कई नुकसान भी हैं । चलिए एक एक करके जानते हैं कि कंप्यूटर आधारित संगणक सह अनुदेशक की क्या सीमाएं या नुकसान हैं ।

1. लागत अवरोध

कई मामलों में, तकनीक महंगी है । Computer Assisted Learning समाधान उनके साथ जुड़े लागत अवरोध के कारण खरीदना और कार्यान्वित करना मुश्किल हो सकता है । यही कारण है कि अभी भी शिक्षण संस्थान पूरी तरह से इसे अपना नहीं सके हैं ।

कई बार यह पाया गया है कि संगणक आधारित अधिगम के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित भी करना पड़ता हे जिसकी लागत कई बार काफी ज्यादा होती है ।

2. प्रौद्योगिकी पर अधिक निर्भरता

इसकी अगली सबसे बड़ी समस्या यह है कि इसकी वजह से प्रौद्योगिकी पर निर्भरता बढ़ जाती है । इससे न सिर्फ छात्रों की बल्कि शिक्षकों की प्रौद्योगिकी पर निर्भरता के बढ़ जाने का खतरा है । सर्वोत्तम स्थिति में, कंप्यूटर की सहायता से सीखने से लाभ होता है और निर्देश में वृद्धि होती है । लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इसमें दोषों की कमी है और इसकी लत जल्दी लग जाती है ।

इसलिए छात्रों और शिक्षकों को संतुलन बनाते हुए प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करना चाहिए । जरूरत से ज्यादा निर्भरता नुकसानदायक साबित होगी ।

3. प्रशिक्षण की कमी

शिक्षा के क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग करने के लिए शिक्षकों को प्रेरित और प्रशिक्षित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है । भारत के परिप्रेक्ष्य में देखा जाए तो शिक्षक अभी भी संगणक आधारित अधिगम के बारे में काफी कम जानते हैं और नई तकनीक से घबराते भी हैं ।

वे CAL पैकेजों की तैयारी, चयन और उपयोग के लिए अतिरिक्त समय देने के इच्छुक नहीं हो सकते हैं । इसे उनकी नौकरी के लिए खतरा भी माना जा सकता है । वर्तमान में कई ऐसे शिक्षक हैं जिन्हें लगता है कि इस तकनीक की वजह से उनकी नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है ।

4. अपूर्ण वर्तमान कंप्यूटर आधारित अधिगम प्रोग्राम

वर्तमान में, Computer Assisted Learning का सॉफ्टवेयर मुख्य रूप से पढ़ने, सुनने और लिखने के कौशल से संबंधित है । कुछ बोलने वाले कार्यक्रम हाल ही में विकसित किए गए हैं, लेकिन उनके कार्य अभी भी सीमित हैं । ये उच्चारण, वाक्य रचना या उपयोग के साथ शिक्षार्थी की समस्या का निदान करने में सक्षम होना चाहिए और फिर विकल्पों की एक श्रृंखला के बीच समझदारी से निर्णय लेना चाहिए ।

परंतु, अभी ये प्रोग्राम अपेक्षा के अनुरूप विकसित नहीं हुए हैं और अपूर्ण है । इसलिए भी यह कथन सत्य है कि कंप्यूटर आधारित अधिगम कभी भी शिक्षकों की जगह नहीं ले पाएगा ।

Conclusion on Computer Assisted Learning

संगणक आधारित अधिगम यानि Computer Assisted Learning ( CAL ) का भविष्य काफी उज्ज्वल है और आने वाले समय में इसका उपयोग काफी हद तक बढ़ जायेगा । इस क्षेत्र में तेजी से तकनीकी विकास जारी है और शिक्षकों को भी प्रशिक्षित करने का काम तेज गति से चल रहा है । एक महत्वपूर्ण बदलाव यह आया है कि शिक्षण संस्थानों में छात्रों को भी इस क्षेत्र में प्रशिक्षण देने का काम चल रहा है ताकि वे भविष्य की संभावनाओं और चुनौतियों के लिए तैयार रह सकें ।

अगर आपके मन में इस विषय से संबंधित कोई भी प्रश्न है तो आपको नीचे दिए कॉमेंट बॉक्स में पूछना चाहिए । इसके साथ ही अगर आपको यह आर्टिकल हेल्पफुल लगा हो तो इसे जरूर शेयर करें ।

पसंद आया ? शेयर करें 😊

Leave a comment