Dairy Farming in Hindi – क्या है डेयरी फार्मिंग और इससे पैसे कैसे कमाएं

हमारे देश भारत में अगर परंपरागत तरीके से कोई व्यवसाय सदियोंसे चला आ रहा है, तो वह है दूध उत्पादन । Dairy Farming यानि दूध उत्पादन और खपत में भारत दुनिया के सभी देशों से अग्रणी है । 2020 में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के GDP यानि Gross Domestic Product का 4% हिस्सा दूध उत्पादन की वजह से है । तो ऐसे में आपके मन में Dairy Farming in India से जुड़े ढेरों प्रश्न आ रहे होंगे ।

मैं आर्टिकल में आपको सभी प्रश्नों पर विस्तार से जानकारी दूंगा । आर्टिकल में आप निम्नलिखित विषयों पर जानकारी प्राप्त करेंगे:

  • डेयरी फार्मिंग यानि दूध उत्पादन क्या है ?
  • दूध उत्पादन का इतिहास
  • डेयरी फार्मिंग के अंतर्गत आने वाले पशु
  • दूध उत्पादन का व्यवसाय कैसे करें ?
  • सरकारी योजनाएं
  • डेयरी फार्मिंग के सामने आने वाली चुनौतियां

Dairy Farming क्या है ?

डेयरी फार्मिंग का अर्थ है ‘दूध पैदा करने वाले पशुओं को दूध उत्पादन के उद्देश्य से पालना’ । दूध उत्पादन को दो कारणों से किया जाता है, पहला व्यक्तिगत और दूसरा व्यावसायिक । अर्थात अगर आप गाय या भैंस इसलिए पालते हैं ताकि दूध का उत्पादन आप खुद की जरूरतों को पूरा कर सकें तो उसे Dairy Farming नहीं कहा जायेगा ।

दूध उत्पादन का अर्थ हम बड़े पैमाने पर लेते हैं जब प्राप्त दूध से व्यवसाय किया जाता है यानि लागत लगाकर मुनाफा कमाया जाता है । भारत में दूध उत्पादन बहुत बड़े पैमाने पर किया जाता है और हमारा देश दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है । आगे मैं दूध उत्पादन के इतिहास के बारे में बात करूंगा लेकिन मैं सिर्फ और सिर्फ भारत को केंद्र में रखकर इसके बारे में आपको जानकारी दूंगा ।

दूध उत्पादन का इतिहास ( History of Dairy Farming in India )

कुछ स्रोतों और खोजों के आधार पर यह माना जाता है कि दूध उत्पादन की शुरुआत 3300–1300 BCE यानि हड़प्पा सभ्यता से हुई थी । हालांकि, ऋग्वेद में भी दूध उत्पादन का उल्लेख मिलता है जो 1700 BCE के आसपास लिखा गया था । इस तरह यह तो समझ में आता है कि भारत में प्राचीन समय से ही डेयरी फार्मिंग लोग कर रहे हैं ।

फिर हम जब इतिहास में आगे आते हैं यानि 1000–1500 CE के समय, तब हमें पता चलता है कि दूध उत्पादन का कुछ खास विकास नहीं हो पाया है । कई लोगों ने इस समय तो यह भी मानना शुरू कर दिया था कि दूध उनके स्वास्थ्य के लिहाज से अच्छा नहीं है । लेकिन ऐसे लोगों की संख्या काफी कम थी, इसके उलट दूध का सेवन राजा रानियों के लिए गर्व की बात मानी जाती थी । ऐसा कहा जाता था कि दूध का सेवन सिर्फ अमीर लोगों के बस की बात है ।

समय में अगर हम थोड़ा और आगे आएं तो 1600-20th Century के आसपास दूध का सेवन तेजी से बढ़ा । इस समय तक अंग्रेजों ने अपना राज कायम करना शुरू कर दिया था । चाय और अन्य दूध उत्पादों के सेवन में वृद्धि देखने को मिली । डेयरी फार्मिंग का अबतक काफी विकास हो चुका था । वर्ष 1970 से भारत में दूध उत्पादन और डेयरी सेक्टर में तब बड़े बदलाव आए जब White Revolution चलाया गया । इस प्रोग्राम ने Dairy Industry को काफी मजबूत किया । इससे लोगों को रोजगार के अवसर मिला और इसका सेवन अधिकाधिक होने लगा ।

डेयरी फार्मिंग के अंतर्गत पशु

अक्सर देखा गया है कि लोग डेयरी फार्मिंग को सिर्फ और सिर्फ गाय और भैंसों से जोड़ कर देखते हैं । लेकिन ऐसा नहीं है, Dairy Farming के अंतर्गत अन्य कई पशु भी आते हैं जिनके बारे में चलिए जानते हैं संक्षेप में ।

1. गाय

Dairy Farming में सबसे प्रचलित पशु है गाय । दूध उत्पादन में सबसे ज्यादा गाय को ही पाला जाता है और हमारे देश में गाय को पवित्र मानने के साथ ही उसकी पूजा भी की जाती है । पूरी दुनिया में 270 Million गायें हैं जिनसे दूध उत्पादन किया जाता है । गाय का दूध अक्सर काफी मात्रा में होता है इसलिए लोग गाय व्यवसाय के उद्देश्य से मुख्य रूप से पालते हैं ।

2. भैंस

गाय के बाद भारत में सबसे ज्यादा लोग भैंस पालते हैं जो ज्यादा मात्रा में दूध देती हैं । मुर्रा भैंस को सबसे ज्यादा दूध देने वाली भैंस प्रजाति माना जाता है और इसलिए यह काफी महंगी भी होती हैं । भारत सही अन्य देशों में भैंस के अन्य ढेरों प्रजातियां भी हैं जिनसे दूध उत्पादन किया जाता है । भैंसें प्रतिदिन 8 से 16 लीटर तक दूध देती हैं । हालांकि भैंस की अन्य प्रजातियां इससे भी ज्यादा क्वांटिटी में दूध देती हैं ।

3. बकरी

दूध उत्पादन के उद्देश्य से बकरी पालन भी किया जाता है लेकिन सामान्य तौर पर इनसे कम दूध ही प्राप्त होता है । भारत सही अन्य देशों में बकरी के दूध को दवाओं से जोड़कर भी देखा जाता है । दूध उत्पादन की मात्रा कम होने की वजह से कम लोग ही इसे पालते हैं । हालांकि, बड़े मात्रा में अगर आप Dairy Farming के उद्देश्य से बकरियों को पालते हैं तो आपको काफी मुनाफा होगा ।

भारत सहित अन्य देशों में ये तीन पालतू पशु ऐसे हैं जिन्हें दूध उत्पादन के लिए पाला जाता है । इनके अलावा भेड़ें, सुअर, ऊंट भी दूध उत्पादन के लिए पाला जाता है ।

Dairy Farming Business कैसे शुरू करें ?

आप अगर मन बना चुके हैं कि आपको Dairy Farming Business in India करना है तो नीचे दिए गए steps आपके लिए हेल्पफुल साबित होंगे । डेयरी फार्मिंग कैसे करें की पूरी जानकारी विस्तार से चलिए जानते हैं ।

1. Market Research करें

अगर आप डेयरी फार्म बिजनेस खोलना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको इससे जुड़ी जरूरी जानकारियां इकट्ठी कर लेनी चाहिए । उदाहरण के तौर पर, इस बिजनेस में लगने वाली लागत, पशुओं की अच्छी नस्ल, आहार, सप्लाई चैन इत्यादि । इससे आपको बिजनेस खोलने के बाद समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा । इसलिए जरूरी है कि आप डेयरी फार्म खोलने से पहले इस बिजनेस की जरूरी जानकारी इकट्ठी करें ।

इसके साथ ही market research करना आपके लिए फायदे का सौदा साबित हो सकता है । मार्केट रिसर्च यानि कि आपको पता करना है:

  • आपके Competitors कितने हैं
  • बिजनेस खोलने के लिए सर्वोत्तम जगह
  • आप अपने प्रतियोगियों से क्या बेहतर करेंगे
  • आपके बिजनेस की प्राथमिकताएं क्या होंगी
  • आपका बिजनेस कितना क्षेत्र कवर करेगा
  • डेयरी फार्म बिजनेस की भविष्य योजनाएं

Dairy Farming करने के लिए सबसे पहले इन topics पर अच्छे से मार्केट रिसर्च कर लें ।

2. सबसे अच्छी नस्ल का चुनाव करें

आपका अगला Step होना चाहिए अच्छी नस्ल के चुनाव करने का । आप जिस भी पशु से अपने Dairy Farm की शुरुआत करना चाहते हैं, उसकी अच्छी नस्ल ही खरीदें । चलिए मैं आपको अलग अलग पशुओं की अच्छी नस्लों के बारे में थोड़ी जानकारी दे देता हूं ।

1. गाय: गिर, साहीवाल, हल्लीकर, गओलाओ

2. भैंस: मुर्रा, सुरती, जाफराबादी, मेहसाना

3. बकरी: जमुनापारी, बरबरी, कच्छी, बीटल

अगर आप अच्छी नस्लों के साथ अपने Dairy Farming Business in India की शुरुआत करेंगे तो आपको ज्यादा फायदा होगा । अच्छी नस्ल के पशु ज्यादा मात्रा में दूध देते हैं हालांकि उनका रखरखाव और आहार काफी अच्छा होना चाहिए । इन नस्लों को आप कहां से खरीदेंगे उसकी जानकारी आर्टिकल के अंत में मैं आपको दूंगा ।

3. आहार की अच्छी व्यवस्था करें

अगर आप बिना अच्छा आहार दिए पशुओं से दूध की उम्मीद नहीं कर सकते । इसलिए जरूरी है कि सबसे पहले उनके लिए उचित आहार की व्यवस्था करें । इसके साथ ही आपको उन्हें भरपूर मात्रा में साफ पानी ही पिलाना चाहिए । स्वच्छ पानी पीने से उनके दूध उत्पादन की क्षमता में विकास होता है इसलिए इसका ध्यान रखें ।

अगर आप अपने पशुओं को संतुलित आहार देना चाहते हैं तो निम्नलिखित आहार पर ध्यान दें:

1. कार्बोहाइड्रेट युक्त आहार: हरा चारा, मक्के का चोकर, ज्वार, गेहूं, चावल, भूसा

2. वसा: तिलहन, सोयाबीन, घी, तेल

3. प्रोटीन: मूंगफली, नारियल, सूरजमुखी, बरसिम

आप बाजार में मिलने वाले अच्छी गुणवत्ता के पशु आहार को भी खरीद कर पशुओं को खिलाएं । इसके अलावा, अगर आप घर पर ही पशु आहार बनाना चाहते हैं तो आप YouTube की मदद ले सकते हैं । अगर आप Dairy Farming को लेकर गंभीर हैं तो आपको सभी बातों पर ध्यान देना चाहिए ।

4. पशुओं के रखरखाव पर विशेष ध्यान दें

अगर बात की जाए हमारे देश में पशुओं के रखरखाव के ऊपर तो अक्सर यह देखा गया है कि इसकी व्यवस्था अच्छी नहीं होती है । एक टूटी फूटी छोड़ी में उन्हें रखा जाता है और गर्मी, ठंडी और बरसात से उन्हें बचाने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं होते हैं । ऐसी व्यवस्था के बावजूद आप उनसे अच्छी मात्रा में दूध देने की अपेक्षा करते हैं ।

डेयरी फार्मिंग की शुरुआत करने से पहले उनके लिए एक अच्छे कमरे की व्यवस्था करें जहां वे बिना किसी समस्या के रह सकें । कमरे हवादार होने चाहिए और साफ सफाई का विशेष ख्याल रखा जाना चाहिए । अगर आप उन्हें शोर शराबे से दूर रखते हैं तो और भी बेहतर होगा । मौसम के हिसाब से उनके रखरखाव की आपको व्यवस्था करनी चाहिए ।

5. स्वास्थ्य संबंधी जानकारी रखें

आपको पशुओं से जुड़ी सामान्य स्वास्थ्य जानकारी रखनी चाहिए । इसके अलावा, अगर आपको लगता है कि पशु बीमार है तो उसे आप पशु चिकित्सक को जरूर दिखाएं । जिस प्रकार हम मनुष्य बीमार होते हैं, ठीक वैसे ही पशु भी बीमार होते हैं । इसलिए उनके स्वास्थ्य का भी ध्यान रखा जाना चाहिए । अगर आपका Dairy Farm बड़ा है तो आपको सभी पशुओं को बिना बंधे रखना चाहिए ।

समय समय पर उन्हें vaccinate करवाना भी एक अहम जिम्मेदारी है । आप कह सकते हैं कि इसमें काफी लागत है लेकिन मुनाफा आपको चार गुना होगा इसलिए किसी प्रकार की लापरवाही या कंजूसी न दिखाएं ।

6. अंत में मार्केटिंग पर ध्यान दें

आपने इतना सब कुछ किया, किसलिए ? जाहिर सी बात है मुनाफा कमाने के लिए । इसलिए आपको मार्केट रिसर्च करते समय ही यह तय कर लेना चाहिए कि आप दूध को कहां, कैसे और किसे बेचेंगे । आप अन्य डेयरी फार्म जाकर यह पता लगा सकते हैं कि आप अपने दूध को कहां supply करके मुनाफा कमा सकते हैं । आप online और offline दोनों माध्यमों से business marketing भी कर सकते हैं ।

इस फील्ड में AMUL का बहुत बड़ा नाम है जो दूध को खरीदती है और उससे भिन्न भिन्न प्रकार के उत्पाद बनाती है । आज के समय में अमूल गांवों से दूध खरीद रहा है । ऐसे में अगर आप Directly Sell Milk to Amul चाहते हैं तो जरूरी है कि आप उनसे Contact करें । आप Online Advertisement भी अपने Dairy Farming business को लेकर के कर सकते हैं जिससे आपको मुनाफा होगा ।

Dairy Farming से जुड़ी सरकारी योजनाएं

क्या आपको पता है कि केंद्र सरकार और राज्य सरकारों ने दूध उत्पादन से जुड़ी योजनाएं चला रखी हैं । आप भी उन योजनाओं का लाभ ले सकते हैं । कुछ डेयरी फार्मिंग की योजनाओं के बारे में मैं आपको बता देता हूं ताकि आप उनका लाभ ले सकें । इन योजनाओं की ज्यादा जानकारी के लिए आप यूट्यूब की मदद ले सकते हैं ।

  • National Programme for Dairy Development(NPDD)
  • Dairy Processing and Infrastructure Development Fund (DIDF)
  • Dairy Entrepreneurship Development Scheme(DEDS)

भारत में Dairy Farming की चुनौतियां

भारत में डेयरी व्यवसाय के सामने ढेरों चुनौतियां हैं । इन चुनौतियों से निपटने के लिए धरातल पर कुछ खास इंतजाम भी नहीं है । डेयरी फार्मिंग की सबसे बड़ी समस्या यह है कि इस बिजनेस से जुड़े लोग संगठित नहीं है इसलिए सुधारों या अधिकारों की बात की नही करता जिसकी जरूरत भी है । छात्र संघ से लेकर गन्ना किसान संघ भी है, लेकिन डेयरी फार्मिंग से जुड़े संगठन नहीं है । अगर हैं भी तो वे मुखर नहीं है ।

दूसरी समस्या जोकि फिलहाल उभर ही रही है, वह है plant based milk को लेकर । कई संगठनों और संस्थानों ने डेयरी इंडस्ट्री को बर्बाद करने की ठान ली है । पश्चिमी देशों में Plant Based Milk को तेजी से लोग अपना रहे हैं जो डेयरी इंडस्ट्री के लिए एक खतरा बन सकता है । भारत में इससे जुड़े कुछ विवाद भी हुए हैं जैसे कि PETA जोकि जानवरों और पशुओं की सुरक्षा के लिए बनाई गई है, अमूल और भारत के लोगों से Plant Based Milk का सेवन करने के लिए कहती है । इसपर आप AMUL के CEO का जवान पढ़ सकते हैं ( Image )

इसके अलावा भी अन्य ढेरों अलग अलग समस्याएं हैं जिनपर सरकार को ध्यान देना चाहिए । हालांकि, सरकार की तरफ से डेयरी इंडस्ट्री के लिए सराहनीय कदम उठाए गए हैं ।

Conclusion on Dairy Farming in Hindi

भारत में Dairy Industry बहुत ही मजबूत और समृद्ध है और इसका योगदान भी हमारी जीडीपी में 4% है । इस इंडस्ट्री से जुड़े सभी प्रश्नों का उत्तर मैंने आपको दे दिया है । अगर आप Essay on Dairy Farming की तलाश में है तो इस आर्टिकल की मदद ले सकते हैं । अगर आपके मन में अन्य प्रश्न हैं तो उन्हें आप कॉमेंट करके पूछ सकते हैं ।

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Ank Maurya - Owner of Listrovert.com

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