Collateral Security Meaning In Hindi – क्या है कोलेटरल सिक्योरिटी

दुनियाभर में विभिन्न कारणों से लोन लिया जाता है । जहां आम लोग घर, गाड़ी, शिक्षा आदि के लिए लोन लेते हैं तो वहीं एक बिजनेसमैन आपके बिजनेस के फंड को मैनेज करने के लिए लोन लेता है । लेकिन लोन लेने का एक वसूल है, और वह है Collateral Security जिसे जमानत की सुरक्षा भी कहा जाता है । इस आर्टिकल में विस्तार से इसपर जानकारी दी जायेगी ।

अगर आप किसी संस्था से लोन लेने के बारे में सोच रहे हैं तो यह आर्टिकल आपके लिए सहायक साबित होगा । आपने अक्सर गौर किया होगा कि जब भी कोई व्यक्ति किसी संस्था या अन्य व्यक्ति से लोन लेता है तो उसे साथ में यह भी साबित करना होता है कि वह लोन चुका सकेगा । लेकिन सिर्फ और सिर्फ सामने वाले व्यक्ति के कसमों वादों की कीमत तो है नहीं ।

उधारकर्ताओं को हमेशा यह डर रहता है कि उनका पैसा डूब न जाए । इसलिए उन्होंने Collateral Security का रास्ता खोज निकाला है । यह क्या है और कैसे काम करता है ? इन प्रश्नों का उत्तर आप आगे विस्तार से समझेंगे ।

Collacteral Security in Hindi

Collateral Security का हिंदी अर्थ जमानत की सुरक्षा होता है । ये कुछ प्रकार की संपत्ति हैं जो उधारदाताओं द्वारा स्वीकार की जाती हैं और उधार ली गई राशि के लिए सुरक्षा के रूप में कार्य करती हैं । उदाहरण के तौर पर गहने, जमीन, घर, निवेश इत्यादि ।

इसे एक आसान से उदाहरण की मदद से समझिए । मान लेते हैं कि आप खुद एक उधारदाता हैं और लोगों को लोन प्रदान करते हैं । अगर कोई व्यक्ति आपसे एक निश्चित धनराशि लोन के रूप में मांगता है और बदले में सिर्फ जबान देता है कि वह आपका रुपया वापस कर देगा । ऐसे में क्या आपको नींद आ पाएगी ? आप हमेशा इस डर में रहेंगे कि कहीं आपका पैसा न डूब जाए ।

ठीक यही डर बैंकों को भी रहता है और वे नहीं चाहते हैं कि उन्हें खुद का पैसा निकलवाने के लिए ही व्यक्ति के घर का बार बार चक्कर लगाना पड़े । इसलिए अब बैंक या उधारदाता कसमों और वादों पर नहीं बल्कि Collateral Security पर लोन देते हैं । यानि सबसे पहले उधार मांगने वाला व्यक्ति अपने घर, जमीन या निवेशादि के मालिकाना कागजात बैंक को सौंपेगा, तब जाकर उसे लोन मिलेगा ।

Collateral Security Benefits

Collateral Security का मुख्य फायदा बैंकों को ही मिलता है । कोलेटरल सिक्योरिटी की वजह से उन्हें अपने लोन की धनराशि को लेकर खास चिंता नहीं करनी पड़ती है । वे अच्छे से जानते हैं कि अगर उधार लेने वाला व्यक्ति बार बार नोटिस देने पर भी लोन नहीं चुका पाता तो जमानत के तौर पर दी गई सुरक्षा को बेचकर बैंक नुकसान को कवर कर सकता है ।

इसके अलावा इसका फायदा लोन/ऋण लेने वाले व्यक्ति को भी होता है । जमानती सुरक्षा देने की वजह से इनपर बैंकों का विश्वास बढ़ जाता है और उन्हें आसानी से लोन भी मिल जाता है । साथ ही उधार प्राप्त करने वाला भविष्य में लोन चुकाने में अगर असमर्थ होता है तो उसकी जमानती सुरक्षा बेचकर नुकसान कवर किया जा सकता है । इससे उधार प्राप्तकर्ता कानूनी कार्रवाई से भी बच सकता है ।

Collateral Security काम कैसे करती है ?

Collateral Security का काम करने का आधार डर है । जब कोई उधार प्राप्त करने वाला व्यक्ति कोई संपत्ति गिरवी रखता है तो वह उधार को समय पर चुकाने के लिए प्रयासरत होता है । इसके उलट अगर कोलेटरल सिक्योरिटी न ली जाए तो कहीं न कहीं यह प्रक्रिया धीमी हो सकती है और देनकर्ता को कई दिक्कतों का सामना भी करना पड़ सकता है ।

जब आप बैंक में लोन के लिए अप्लाई करते हैं तो सबसे पहले बैंक यह देखता है कि लोन चुका पाने की आपकी क्षमता है या नहीं । जब आपकी कोई सरकारी नौकरी रहती है तो उसी नौकरी के दम पर आसानी से लोन मिल जाता है । लेकिन इसके इतर बैंक आपसे लोन के बदले संपत्ति की मांग करता है जिसे हम Collateral Security कहते हैं ।

जब आप लोन को सही समय पर चुका पाने में असफल होते हैं तो बैंक आपकी जमानती सुरक्षा को बेच देता है । बेचने पर प्राप्त धन से अपने नुकसान की भरपाई करने की कोशिश बैंक द्वारा की जाती है । ज्यादातर मामलों में बैंक अपने नुकसान की भरपाई आपकी जमानती सुरक्षा को बेचकर कर लेते हैं । साथ ही आप जिस प्रकार का लोन लेते हैं, उसी प्रकार की आपको कोलेटरल सिक्योरिटी देनी होती है ।

Collateral Security Examples

बात करें Collateral Security Examples की तो इसके अंतर्गत Property, Investments, Vehicles, Jewellary जैसे अन्य एसेट्स आते हैं । चलिए संक्षेप में समझते हैं ।

1. Property

होम लोन, एलएपी और होम इक्विटी लोन रियल एस्टेट के एवज में सुरक्षित हैं । इसका उपयोग व्यवसाय या सुरक्षित व्यक्तिगत वित्त का लाभ उठाने के लिए भी किया जा सकता है । ऋणदाता ऐसे ऋणों की पेशकश करते समय संपत्ति पर ग्रहणाधिकार बनाता है । उदाहरण के तौर पर SBI Loan Against Property को आप ले सकते हैं ।

2. Vehicles

जब आप ऑटोमोबाइल लोन लेते हैं, तो वाहन को सिक्योरिटी के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है । आप फंड संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए स्वामित्व वाली कार पर ऋण के लिए भी आवेदन कर सकते हैं । इन दोनों स्थितियों में, ऋणदाता आपके वाहन का स्वामित्व तब तक रखेंगे जब तक कि ऋण राशि पूरी तरह से चुका नहीं दी जाती ।

3. Investments

आप वित्तीय संस्थानों से पैसा उधार लेने के लिए अपने निवेश का उपयोग कर सकते हैं । योग्य वित्तीय साधनों में से कुछ में shares, bonds, fixed deposits, mutual funds और बहुत कुछ शामिल हैं । हालांकि, यदि इन निवेशों का मूल्य बकाया ऋण राशि से कम हो जाता है, तो ऋणदाता अतिरिक्त सुरक्षा की मांग करेगा ।

क्या बिना Collateral Security के लोन मिल सकता है ?

बिना Collateral Security के लिए ऑटोमोबाइल लोन या बड़े लोन लेना लगभग नामुमकिन है । लेकिन आप छोटे लॉन कोलेटरल सिक्योरिटी के बिना भी ले सकते हैं बशर्ते लोन प्रदान करने वाले व्यक्ति/संस्था से आपके अच्छे संबंध स्थापित हों । अगर आप संस्था से लगातार लोन लेकर समय पर उसे चुका भी रहे हैं तो आपको बिना कोलेटरल सिक्योरिटी के लोन मिल सकता है ।

इस परिस्थिति में भी एक असुरक्षित ऋण स्वीकृत करते समय, ऋणदाता आपकी वित्तीय स्थिरता और ऋण पात्रता निर्धारित करने के लिए आपकी आय, व्यय, रोजगार स्थिरता और नकदी प्रवाह पर विचार करते हैं ।

Collateral Security in Hindi – Conclusion

Collateral Security का हिंदी अर्थ जमानत की सुरक्षा होता है जिसे लोन लेते समय लोन प्रदानकर्ता को सौंपा जाता है । जमानत की सुरक्षा में घर, गाड़ी या विभिन्न निवेश के महत्वपूर्ण कागजात शामिल होते हैं जिन्हें लोन न चुका पाने की स्तिथि में लोन प्रदानकर्ता बेचकर नुकसान की भरपाई करता है ।

उम्मीद है कि आप इस विषय से संबंधित सारी जानकारियां अच्छे से समझ गए होंगे । अगर इस विषय से संबंधित कोई प्रश्न है तो आप नीचे कमेंट करके पूछ सकते हैं । साथ ही आर्टिकल पसंद आया हो तो ऐसे शेयर जरूर करें ।

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