Proofreading क्या होता है । इसके बारे में सब कुछ In Hindi

Proofreading क्या होता है ? प्रूफरीडिंग के बारे में सब कुछ In Hindi

आज हम आपको Proofreading के बारे में हर वो जानकारी देंगे , जिसकी आपको जरूरत है । अगर आप जानना चाहते हैं कि Proofreading क्या है , इसे कैसे करते हैं , इसकी नौकरी कैसे करें , इत्यादि तो आप बिल्कुल सही जगह पर हैं । हम आपके हर प्रश्न का उत्तर देंगे । जैसा कि आपको पता ही है कि आज के समय में लोग ज्यादा से ज्यादा Online Earning करने की तरफ ध्यान देना शुरू कर चुके हैं । ऐसे में प्रुफरीडिंग भी ऑनलाइन कमाने वालों के बीच काफी पॉपुलर हो चुका है । हालांकि , इसे ऑफलाइन भी किया जा सकता है पर इसका चलन online दुनिया में ज्यादा है

तो चलिए आपको विस्तार से हम समझाते हैं कि यह क्या होता है और इसके साथ ही अन्य सवालों को जवाब भी जानेंगे । तो शुरू से शुरू करते हैं –

Proofreading क्या है ?

Proofreading के बारे में meaning

Proofreading का मतलब किसी भी डॉक्यूमेंट में , जिनमें शब्दों का प्रयोग हुआ हो , उनको बारीकी से चेक करना होता है । इसमें texts की अशुद्धियों को जैसे spelling mistakes , punctuation mistakes, typos, formatting issues इत्यादि को ध्यान से देखा और परखा जाता है । यह लिखने के process का अंतिम पड़ाव होता है जब व्याकरण और formatting संबंधित अशुद्धियों को निकाला जाता है और उन्हें सही किया जाता है ।

किसी भी article , journal , research paper , documents इत्यादि को submit या publish करने से पहले proofreading करना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है । अगर आप अपने किसी भी काम या प्रोजेक्ट के लिए प्रुफरीडिंग करना चाहते हैं तो इसे आप खुद से या किसी professional को hire करके भी कर सकते हैं ।

Proofreading के एग्जाम्पल

Proofreading के एग्जाम्पल

आप ऊपर की तस्वीर में देख सकते हैं कि कैसे एक Proofreader ने एक document को proofread करने का काम किया है । इसमें उन सभी Spelling Mistakes , Formatting Errors , Typos को लाल कलम से मार्क या अंडरलाइन कर दिया गया है । अब आप समझ गए होंगे कि प्रुफरीडिंग क्या है । आमतौर पर यह online ही किया जाता है । इसके लिए Proofreaders माइक्रोसॉफ्ट वर्ड और गूगल डॉक्स की मदद लेते हैं । आपको यह दोनों Apps Playstore पर मिल जाएंगी ।

Proofreader बनने के लिए किन चीजों पर ध्यान देना चाहिए ?

अब हम बात करेंगे कि आपको एक proofreader बनने के लिए किन किन बातों को ध्यान में रखना चाहिए :

1. ज्यादा से ज्यादा पढ़ें

यह सबसे जरूरी step है । अगर आपको एक proofreader बनना है तो आपको ज्यादा से ज्यादा किताबों को पढ़ना होगा । इसके साथ ही आप सिर्फ किताबों को यूंही पढ़ने के लिए न पड़ें , बल्कि उसमें Interest लें , पढ़ने से प्यार करें । यह इसलिए जरूरी हो जाता है क्योंकि proofreading करते समय आपको ज्यादा से ज्यादा knowledge होनी चाहिए । इसमें आपको अलग अलग writing style , अलग अलग writing forms इत्यादि से पूरी तरह रूबरू होना जरूरी है ।

इसके लिए recommend किया जाता है कि आप प्रतिदिन Newspaper , Research Papers , Documentries ( text ) , websites इत्यादि पढ़ें । इनको पढ़ने के साथ ही आप एक critic की तरह इनके writing style और formatting को भी परखते चलें । यह आपको proofreading में काफी मदद करेगा ।

2. Proofreader बनने के लिए जरूरी skills सीखने की कोशिश करें

अगर आपको एक proofreader बनना है तो आपको इससे जुड़ी सारी skills पर काम करना शुरू कर देना चाहिए । एक proofreader में को skills होनी चाहिए वे है

  • Correct Word Usage
  • Correct Spelling Use
  • Correct Punctuation

इसके साथ ही आपको अपना दिमाग ज्यादा से ज्यादा sharp बनाना होगा । इसमें आपको यह ध्यान देना होगा कि writer जिसने पहले से ही कोई writing की है , वह आपसे exactly क्या कहना चाह रहा है । Proofreading के फील्ड के professions का कहना है कि एक proofreader को किसी भी written text को जोर जोर से पढ़ना चाहिए । इसके साथ ही लिखे हुए texts को पीछे तरफ से भी पढ़ना चाहिए । यह सारे points एक एक aspirant को proofreader बना सकते हैं ।

3. Computer Skill अच्छी होनी चाहिए

Proofreading का काम एक तरह से Computer पर ही किया जाने वाला काम है । ऐसे में आपकी अगर computer skills बेहतर है तो आप एक बेहतर Professional प्रूफरीडर बन सकते हैं । इसमें clients की मांग के हिसाब से आपको ढेरों Computer Work करने की जरूरत पड़ सकती है । जैसे इसमें आपको fax मशीन और प्रिंटर मशीन का साथ में उपयोग करना आना चाहिए । इसके साथ ही आपको सारे proofreading symbols का भी use करना आना चाहिए ।

आपको Microsoft Word और Google Docs एप्लिकेशन की भी पूरी जानकारी होनी जरूरी है । क्योंकि आपको इन्हीं दो Common Applications पर अपना काम करना होगा । ऐसे में आपको इनको अच्छे से समझना चाहिए । इसमें Microsoft Word के track को बदलना और common features को सही से उपयोग करना आना चाहिए ।

4. Formal Training जरूर करें

एक Proofreader बनने के लिए आपको एक Formal Training जरूर कर लेनी चाहिए । Proofreading का काम बहुत ही बारीकी से किया जाने वाला काम है और इस फील्ड में specialist होना बहुत जरूरी है । Formal Training के लिए आप अपने high school में literature , English , Journalism जैसे विषयों को चुन सकते हैं । इसके साथ ही आप इंटरनेट पर पड़े ढेरों tutorials की भी मदद ले सकते हैं । Youtube पर Helen Harrel एक Channel है जिसपर Proofreading से जुड़े videos डाले जाते हैं । उसका एक वीडियो हम नीचे दे रहे हैं ताकि आपको proofreading कैसे करे , के प्रश्न का उत्तर मिल जाए :

आप ऊपर दिए गए वीडियो को देख कर समझ गए होंगे कि Proofreading कैसे की जाती है । यह उनके लिए आसान है जिनकी language पर पकड़ अच्छी है

5. Proofreading के काम को समय दें

अगर आप proofreading करना चाहते हैं तो आपको इस काम को ज्यादा से ज्यादा समय देना चाहिए । यह काम आपका attention चाहता है । अगर आप गड़बड़ी में इस काम को करेंगे तो आप गलतियां सुधार ही नहीं पाएंगे । इसके साथ ही हमेशा ध्यान में रखें कि इसे करते समय आपके आस पास कोई भी distractions मौजूद न हों , जो आपका ध्यान भंग कर दे । अगर आप इस काम को बेहद ही जरूरी मान कर और बारीकी से करते हैं , तभी आप एक Professional Proofreader बन पाएंगे ।

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किन वेबसाइट्स / प्लैटफॉर्म्स पर आपको proofreading की jobs मिलेंगी ?

अब प्रश्न आता है कि आप अपने लिए proofreader का जॉब किन online platforms पर ढूंढ सकते हैं । Proofreading के तरह से freelancing के ही कैटेगरी में आता है और freelancing करने के लिए ढेरों online platforms मौजूद हैं । परन्तु हम उतना broad न होते हुए आपको बताते हैं कि आप किन online websites से अपने लिए proofreading की जॉब ढूंढ सकते हैं –

Proofreading से जुड़े FAQs ( Frequently Asked Questions )

1. Proofreading और editing में क्या फर्क है ?

Editing हमेशा Proofreading से पहले आता है । इसमें कंटेंट , स्ट्रक्चर और भाषा में बड़े बड़े बदलाव किए जाते हैं । पहले लेवल की editing का काम ऑथर या राइटर खुद करता है और अंतिम लेवल की editing का काम editing professions द्वारा किया जाता है । Professionals कंटेंट के word count और style में सुधार और बदलाव करते हैं ।

दूसरी तरफ Proofreading में कंटेंट को लेकर छोटे छोटे बदलाव किए जाते हैं । इसके साथ ही एक final stage भी होता है जिसके बाद कंटेंट को submit या publish कर दिया जाता है । Proofreaders हमेशा Punctuation , Capitalisation और formatting issues में बदलाव करते हैं ।

2. Proofreader बनने के लिए किन Qualifications का होना जरूरी है ?

एक Proofreader बनने के लिए आपके पास कम से कम High School में English , Journalism और literature के विषयों में डिग्री होनी चाहिए । इसके साथ ही आप Graduation और Post Graduation के लिए भी इन विषयों को ले सकते हैं जो आपके लिए plus point होगा । इसके साथ ही आप Scribber Training के लिए भी apply कर सकते हैं जो on the job ट्रेनिंग देते हैं ।

हमने आपके हर प्रश्न का उत्तर देने की कोशिश की है । अगर आपको लगता है कि कोई प्वाइंट छूट गया है तो आप नीचे कमेंट कर सकते हैं । हम आपके हर प्रश्न का जवाब देंगे । इसके साथ ही आप किस विषय पर post चाहते हैं , उसे भी नीचे comment करके बता सकते हैं । पसंद आया हो तो कृपया करके ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ।

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