Credit and Debit Meaning in Hindi – क्रेडिट और डेबिट का अर्थ

अगर आपका किसी भी बैंक में खाता है तो आपने अवश्य ही Credit and debit लिखा हुआ देखा होगा । जब भी आप बैंक स्टेटमेंट निकलवाते हैं, पासबुक पर लेनदेन का विवरण अंकित कराते हैं या बैंक की तरफ से आपके पास किसी ट्रांजेक्शन का संदेश प्राप्त होता है, तो अक्सर डेबिट या क्रेडिट का जिक्र होता है । लेकिन आपने कभी सोचा है कि आखिर इनका अर्थ क्या होता है ?

Credit and Debit Meaning in Hindi के इस लेख में हम विस्तारपूर्वक जानेंगे कि क्रेडिट और डेबिट का अर्थ क्या होता है, इसे किन परिस्थितियों में इस्तेमाल किया जाता है । इसके अलावा इन शब्दावलियों से सम्बन्धित अन्य कई अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों पर भी हम विस्तार से बात करेंगे ।

Credit and Debit Meaning in Hindi

आसान भाषा में कहें तो बैंक के संदर्भ में Credit का अर्थ बैंक खाते में धनराशि का जमा होना तो वहीं Debit का अर्थ बैंक खाते से रुपए का कटना या निकलना होता है । अगर किसी भी प्रकार से आपके खाते में रूपए प्राप्त हुए हैं तो वह क्रेडिट कहलाएगा तो वहीं अगर आपके खाते से रूपए निकाले गए हैं तो वह डेबिट कहलाएगा ।

अब चलिए हम एक एक करके Debit and Credit के अर्थ को समझते हैं और इन दोनों के बीच के मूल अंतर को जानते हैं ।

Credit in Banking

बैंक के संदर्भ में देखा जाए तो Credit तब होता है जब आपके खाते में रुपए किसी अन्य खाते से प्राप्त हों । अगर आपके बैंक खाते में रुपए किसी भी माध्यम से प्राप्त हुआ है या जुड़ा है तो यह हमेशा Credit ही कहलाएगा । जब आप Bank Statement निकलवाएंगे तो क्रेडिट हमेशा दाईं ओर प्रिंट होता है ।

लेकिन इसी क्रेडिट का अर्थ अन्य क्षेत्रों में अलग अलग हो जाता है । उदाहरण के तौर पर अगर आप किसी व्यक्ति से लोन लेते हैं तो इसका अर्थ है कि आपने उससे Credit लिया है या आपको उतना अमाउंट क्रेडिट किया गया है । इसके अलावा जब बैंकों द्वारा लोन लेने की बात आती है तब भी जो अमाउंट आपको लोन के रूप में मिलता है वह क्रेडिट ही होता है । अब इसका एक उदाहरण देख सकते हैं जिसमें पैसे अकाउंट में प्राप्त हुए हैं:

Credit in banking example

Debit in Banking

बैंक के संदर्भ में Debit का मूल अर्थ निकासी राशि या खर्च राशि होता है । जब आपके बैंक खाता से रुपए निकाले जाते हैं या खर्च किए जाते हैं तो उन्हें डेबिट के तौर पर लिखा जाता है । मान लेते हैं कि आपने Flipkart पर 45,000 रुपए का लैपटॉप खरीदा है तो आपको बैंक की तरफ से संदेश प्राप्त होगा कि Your A/c Debited by ₹45,000 ।

हालांकि जब हम Accounting के क्षेत्र में कदम रखते हैं तो Debit का अर्थ बदल जाता है । Double-entry Bookkeeping के क्षेत्र में डेबिट का अर्थ प्राप्त राशि होती है जो कम्पनी या व्यक्ति के संपत्ति को बढ़ाता है । यानि अगर हम कंपनी को ध्यान में रखते हुए अगर डेबिट के अर्थ को देखते हैं तो इसका अर्थ संपत्ति का बढ़ना या धनराशि का प्राप्त होना होता है लेकिन वहीं बैंकिंग में इसका अर्थ खाता से रुपए निकलना या खर्च होना होता है । आप नीचे एक उदाहरण देख सकते हैं जिसमें पैसे खाता से काटे गए हैं:

Debit in banking example

Debit Balance और Credit Balance

अक्सर बैंक खाताधारक यह भी प्रश्न पूछते हैं कि आखिर Debit Balance और Credit Balance में क्या अंतर है । आसान भाषा में समझिए कि डेबिट बैलेंस बैंक के चेकिंग खाते में एक Negative Cash Balance है यानि जब bookkeeping की जाती है तो बाईं तरफ अंकित राशि को डेबिट बैलेंस कहा जाता है ।

तो वहीं दूसरी तरफ Credit Balance उस राशि को संदर्भित करता है जो एक व्यवसाय ग्राहक को देता है । Accounting में क्रेडिट बैलेंस वह राशि है जो एक ग्राहक व्यवसाय को भुगतान करेगा और यह राशि दाईं तरफ अंकित की जाती है ।

Debit Card और Credit Card में अंतर

अगर आप किसी भी बैंक के खाताधारक हैं तो संभावित रूप से आपके पास Debit Card होगा । अगर आप के पास कोई Steady Income आ रही है तो आप क्रेडिट कार्ड भी अपने खाते पर इश्यू करा सकते हैं । लेकिन इन दोनों के बीच काफी अंतर होता है । चलिए डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड के बीच अंतर को समझते हैं:

1. Debit Card के इस्तेमाल से सीधे आपके बचत बैंक खाते या आपके चालू खाते से पैसे कटता है । तो वहीं Debit Card आपको वस्तुओं और सेवाओं के भुगतान के लिए धन उधार लेने की अनुमति देता है ।

2. डेबिट कार्ड का इस्तेमाल तभी किया जा सकता है जबकि आपके बचत खाता या चालू खाता में धनराशि मौजूद हो । आप मौजूदा धनराशि से ज्यादा खर्च नहीं कर सकते हैं । लेकिन क्रेडिट कार्ड की मदद से आप अपने बैंक बैलेंस से कहीं ज्यादा धनराशि खर्च कर सकते हैं ।

3. Debit Card के इस्तेमाल से आप सीधे तौर पर वस्तुओं या सेवाओं को खरीदने पर भुगतान करते हैं लेकिन Credit Card के इस्तेमाल पर आपको नहीं बल्कि क्रेडिट कार्ड कंपनियां आपके ओर से उत्पादों या सेवाओं की धनराशि भुगतान करती हैं ।

4. आप डेबिट कार्ड का इस्तेमाल बिना कोई चार्ज दिए बिना कर सकते हैं हालांकि हर साल आपसे ATM Maint Charge लिया जाता है लेकिन क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल पर आपको हर महीने बिल पे करना होगा । इसके साथ ही आपको क्रेडिट कार्ड मेंटेनेंस चार्ज अलग से देना होगा ।

5. डेबिट कार्ड पर आपको कोई भी Interest Charge नहीं देना है लेकिन क्रेडिट कार्ड के लिए आपको इंटरेस्ट चार्ज भरना होगा अगर आपने निश्चित दिनांक तक recurring amount भुगतान नहीं किया है तो ।

तो इस तरह उम्मीद है कि आप Debit Card and Credit Card Difference in Hindi समझ गए होंगे । आपको सलाह दी जाती है कि क्रेडिट कार्ड तभी इश्यू कराएं जब इसे सही से मैनेज करना जानते हों । क्रेडिट कार्ड के ढेरों फायदे हैं और इनपर लुभावने ऑफर भी मिलते हैं लेकिन आपकी एक छोटी सी गलती या जरूरत से ज्यादा खर्च आपको भारी कर्ज में डूबा देगा और Credit Score खराब होगा सो अलग ।

ATM और Debit Card में क्या अंतर है ?

अक्सर लोग सोचते हैं कि ATM और Debit Card एक ही होते हैं लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है । ATM Card से आप सिर्फ एटीएम मशीन से रूपए निकाल सकते हैं लेकिन बिल पेमेंट या ऑनलाइन ट्रांजेक्शन नहीं कर सकते हैं । तो वहीं एक डेबिट कार्ड आपको एटीएम मशीन से पैसे निकालने की सुविधा देने के साथ साथ ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की सुविधा भी देता है ।

ATM Card मूल रूप से Pin Protected होते हैं जिनका इस्तेमाल एटीएम मशीन से रूपए निकालने के लिए होता है । तो वहीं दूसरी तरफ डेबिट कार्ड का इस्तेमाल आप चाहें तो अपने स्कूल कॉलेज की फीस जमा करना, Swiggy से खाना ऑर्डर करने या घर बैठे बिजली बिल देने के लिए कर सकते हैं । इसके अलावा डेबिट कार्ड की मदद से आप रुपए भी withdraw कर सकते हैं ।

Rules of Debit and Credit

Accounting में डेबिट और क्रेडिट के नियम होते हैं । अगर आप कॉमर्स के छात्र हैं तो आपके लिए Rules of Debit and Credit बहुत ही सहायक होगा । सबसे पहले आप नीचे दिए टेबल पर ध्यान दें और लिखी बातों को याद कर लें:

AccountIncreased ByDecreased By
AssetsDebitCredit
ExpensesDebitCredit
LiabilitiesCreditDebit
EquityCreditDebit
RevenueCreditDebit

अगर आपको Debit and Credit का यह नियम अच्छे से याद हो गया तो आपको कभी कोई भी दिक्कत नहीं होगी । इसके अलावा अन्य कुछ नियम हैं जिन्हें आपको अपने दिमाग में रखना चाहिए:

1. बाएं तरफ (Left Side) हमेशा Debit लिखा जाता है तो वहीं दाएं तरफ (Right Side) हमेशा Credit लिखा जाता है ।

2. हमेशा याद रखें कि Debit What Comes in और Credit What Goes Out । अगर डेबिट हुआ तो जुड़ा और क्रेडिट हुआ तो घटा ।

3. Debit को Reciever और Credit को Giver बोलते हैं ।

4. Nominal A/c में Debit सभी Expenses और Losses होते हैं तो वहीं Credit सभी Income और Gains ।

FAQs

Debit और Credit का हिंदी अर्थ बैंकिंग में क्या है ?

Debit का अर्थ बैंकिंग में निकासी राशि या खर्च राशि को कहते हैं तो वहीं Credit उस राशि को कहते हैं जो बैंक खाते में प्राप्त हुई हो ।

डेबिट और क्रेडिट का नियम क्या है ?

डेबिट यानि What comes in और क्रेडिट यानि What Goes out, यही डेबिट और क्रेडिट का नियम है । इसके अलावा डेबिट को प्राप्तकर्ता और क्रेडिट को देनकर्ता कहा जाता है ।

Debit Card और Credit Card में क्या अंतर है ?

Debit Card के इस्तेमाल से सीधे आपके बचत बैंक खाते या आपके चालू खाते से पैसे कटता है । तो वहीं Debit Card आपको वस्तुओं और सेवाओं के भुगतान के लिए धन उधार लेने की अनुमति देता है ।

Accounting में डेबिट बैलेंस क्या होता है ?

डेबिट बैलेंस बैंक के चेकिंग खाते में एक Negative Cash Balance है यानि जब bookkeeping की जाती है तो बाईं तरफ अंकित राशि को डेबिट बैलेंस कहा जाता है ।

Ank Maurya - Owner of Listrovert.com

I have always had a passion for writing and hence I ventured into blogging. In addition to writing, I enjoy reading and watching movies. I am inactive on social media so if you like the content then share it as much as possible .

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